विश्व युवा कौशल दिवस 2025: इतिहास और महत्व

हर साल 15 जुलाई को दुनियाभर में विश्व युवा कौशल दिवस (World Youth Skills Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने के महत्व को उजागर करना है। वर्ष 2025 में यह अवसर और भी खास है क्योंकि यह इस दिवस की 10वीं वर्षगाँठ है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में घोषित किया था। इस वर्ष की थीम है: “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल कौशल के माध्यम से युवा सशक्तिकरण”, जो दर्शाता है कि तकनीक अब करियर और समाज को आकार देने में बड़ी भूमिका निभा रही है।

विश्व युवा कौशल दिवस का महत्व
इस दिवस की शुरुआत इसलिए की गई ताकि वैश्विक स्तर पर कौशल की कमी की ओर ध्यान दिया जा सके, जो कई युवाओं को अच्छे रोजगार पाने और समाज में पूरी भागीदारी से वंचित करती है। बड़ी संख्या में युवा NEET (Not in Employment, Education or Training) श्रेणी में आते हैं। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 26.7 करोड़ युवा NEET श्रेणी में हैं, और यह संख्या जल्द ही 27.3 करोड़ तक पहुँच सकती है।

यह दिवस यह भी दर्शाता है कि कौशल विकास सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक वृद्धि के लिए आवश्यक है। यह तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा (TVET) को युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए एक सशक्त माध्यम के रूप में प्रोत्साहित करता है।

2025 की थीम: एआई और डिजिटल कौशल
2025 की थीम “Youth Empowerment Through AI and Digital Skills” यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी को डिजिटल युग के लिए तैयार करना जरूरी है, जहाँ AI हमारे काम करने, सीखने और जीने के तरीकों को बदल रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, जहाँ AI नए अवसर ला रहा है, वहीं यदि युवाओं को उचित प्रशिक्षण और समान अवसर न मिले, तो यह जोखिम भी उत्पन्न कर सकता है।

कुछ प्रमुख चुनौतियाँ:

  • 86% छात्र खुद को AI-आधारित कार्यस्थल के लिए तैयार नहीं मानते

  • निम्न आय वाले देशों में 90% लड़कियाँ और युवा महिलाएँ अभी भी ऑनलाइन नहीं हैं

  • अमीर देशों में केवल 1 में से 10 किशोर ही डिजिटल उपकरणों से सप्ताह में एक घंटे से अधिक पढ़ाई करते हैं

  • अधिकांश देशों में युवाओं को साइबर बुलिंग और अन्य ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए कानूनों की कमी है

TVET (तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण) की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदारों द्वारा समर्थित TVET कार्यक्रम युवाओं को तकनीशियन, कारीगर या डिजिटल प्रोफेशनल बनने के लिए तैयार करते हैं। यह कार्यक्रम व्यावहारिक अनुभव और कक्षा-आधारित शिक्षा का मिश्रण होते हैं। इनके लाभ हैं:

  • रोजगार पाने की संभावना बढ़ती है

  • आय स्तर में सुधार होता है

  • आत्मविश्वास और जीवन भर सीखने की प्रवृत्ति बढ़ती है

  • नौकरी में लचीलापन और संतोष मिलता है

#WorldYouthSkillsDay के लिए आयोजन और योगदान के तरीके
हर साल न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और अन्य जगहों पर विभिन्न कार्यक्रम होते हैं:

  • फोटो और निबंध प्रतियोगिताएँ

  • कौशल प्रदर्शन कार्यक्रम

  • युवाओं, शिक्षकों और नियोक्ताओं के साथ पैनल चर्चा

आप इस दिवस को इन तरीकों से समर्थन दे सकते हैं:

  • युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ना

  • सोशल मीडिया पर #WorldYouthSkillsDay के साथ कुशल युवाओं की कहानियाँ साझा करना

  • छात्रों और बच्चों के साथ करियर स्किल्स पर चर्चा करना

  • कौशल-आधारित शिक्षण कार्यक्रमों में स्वयंसेवक बनकर सहयोग करना

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

LPG उत्पादन में भारत के प्रमुख शहर कौन-कौन से हैं? देखें लिस्ट

भारत में आज 33 करोड़ से अधिक परिवार खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलिडंर (LPG…

2 hours ago

जानें भारत के किस शहर से पहली बार हुई थी जनगणना की शुरुआत?

बता दें कि, भारत में जनगणना 2026-27 की शुरुआत हो गई है। इस बार इसे…

3 hours ago

गुजरात हाईकोर्ट ने AI के इस्तेमाल को लेकर एक सख्त नीति जारी की

गुजरात हाई कोर्ट ने एक नीति जारी की है, जिसके तहत न्यायिक फ़ैसले लेने या…

4 hours ago

शासन और सेवा वितरण को बढ़ावा देने हेतु ‘साधना सप्ताह 2026’ का शुभारंभ

भारत ने 'साधना सप्ताह 2026' की शुरुआत की है। यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका…

4 hours ago

छत्तीसगढ़ में लगभग एक सदी बाद काले हिरणों की वापसी

छत्तीसगढ़ राज्य से काले हिरणों के संरक्षण की एक शानदार सफलता की कहानी सामने आई…

4 hours ago

Kar Saathi से इनकम टैक्स भरना होगा आसान, जानें कैसे

भारत के आयकर विभाग ने ‘कर साथी’ नाम से एक नया प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है।…

5 hours ago