Categories: Imp. days

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2024: इतिहास और महत्व

विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day) प्रत्येक साल 2 फरवरी को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्लोबल वार्मिंग का सामना करने में आर्द्रभूमि जैसे दलदल तथा मंग्रोव के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है।

आर्द्रभूमि दुनिया के कुछ सबसे नाजुक और संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र हैं जो पौधों और जानवरों के लिए अद्वितीय आवासों का समर्थन करते हैं, तथा दुनिया भर में लाखों लोगों को आजीविका प्रदान करते हैं। इस दिवस का आयोजन लोगों और हमारे ग्रह हेतु आर्द्रभूमि की महत्त्वपूर्ण भूमिका के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने हेतु किया जाता है।

 

विश्व आर्द्रभूमि दिवस थीम 2024

 

हर साल डब्ल्यूडब्ल्यूडी को आर्द्रभूमि के मूल्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशिष्ट विषय के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष के विश्व आर्द्रभूमि दिवस की थीम “आर्द्रभूमि और मानव कल्याण” है। इसका लक्ष्य यह बताना है कि मानव कल्याण के सभी पहलू जैसे – शारीरिक, मानसिक और पर्यावरणीय आर्द्रभूमि के स्वास्थ्य से कैसे जुड़े हुए हैं।

 

यह दिवस पहली बार कब मनाया गया?

 

विश्व आर्द्रभूमि दिवस पहली बार 02 फरवरी, 1997 को रामसर सम्मलेन के 16 वर्ष पूरे होने पर मनाया गया था। यह दिवस साल 1997 से प्रतिवर्ष मनाया जाता है। नमी या दलदली भूमि वाले क्षेत्र को आर्द्रभूमि या वेटलैंड कहा जाता है।

 

यह दिवस 2 फरवरी को ही क्यों मनाया जाता है?

 

02 फरवरी, 1971 को कैस्पियन सागर के तट पर ईरानी शहर रामसर में वेटलैंड्स पर कन्वेंशन को अपनाने की तारीख को चिह्नित करने हेतु यह दिवस मनाया जाता है। विश्व आर्द्रभूमि दिवस पहली बार साल 1997 में मनाया गया था।

 

आर्द्रभूमि क्या हैं?

 

आर्द्रभूमि एक ऐसा स्थान है जहां पौधे और पशु प्रजातियों की घनी विविधता पाई जाती है और ये जैव विविधता से भी समृद्ध होता हैं। ये ऐसे भूमि क्षेत्र हैं जो हमेशा या मौसम में संतृप्त या जलमंगन रहते हैं। आर्द्रभूमि जल को प्रदूषण से मुक्त बनाती है।

आर्द्रभूमि वह क्षेत्र है जो सालों भर आंशिक रूप से या पूर्णतः जल से भरा रहता है। भारत में आर्द्रभूमि ठंडे एवं शुष्क इलाकों से लेकर मध्य भारत के कटिबंधीय मानसूनी इलाकों तथा दक्षिण के नमी वाले इलाकों तक फैली हुई है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

475 वर्ष पुराना वसई कैथेड्रल को यूनेस्को पुरस्कार: सामुदायिक संरक्षण को मिला वैश्विक सम्मान

महाराष्ट्र के वसई (पापडी गांव) में स्थित 475 वर्ष पुराना अवर लेडी ऑफ़ ग्रेस कैथेड्रल…

10 hours ago

UGC ने पूरे भारत में 32 फर्जी यूनिवर्सिटी की पहचान की, यह राज्य लिस्ट में सबसे ऊपर

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एक बार फिर देश में चल रही फर्जी यूनिवर्सिटीज की…

10 hours ago

राष्ट्रपति भवन में लुटियंस की जगह लगाई गई राजाजी की प्रतिमा

राष्ट्रपति भवन में 23 फरवरी 2026 को पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के जीवन…

10 hours ago

पंजाब सरकार ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत 40 लाख परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएगी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मेरी रसोई’ योजना शुरु करने की 23 फरवरी 2026…

11 hours ago

शशि थरूर को सेंट जेवियर विश्वविद्यालय, कोलकाता ने मानद डीलिट की उपाधि दी

लोकसभा MP शशि थरूर को 21 फरवरी 2026 को कोलकाता स्थित सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय के…

11 hours ago

भारत-अमेरिका वज्र प्रहार 2026: हिमाचल में 16वें संयुक्त अभ्यास के लिए विशेष बल तैयार

भारत और अमेरिका 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित…

11 hours ago