विश्व टूना दिवस 2025: इतिहास और महत्व

विश्व टूना दिवस हर साल 2 मई को संयुक्त राष्ट्र के समर्थन से मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक खाद्य सुरक्षा, आर्थिक विकास और समुद्री जैव विविधता में टूना मछली के महत्व को उजागर करना है। यह दिन टूना प्रजातियों के अत्यधिक दोहन पर चिंता व्यक्त करता है और सतत मत्स्य पालन (sustainable fishing) की वकालत करता है।

क्यों है यह खबर में?

विश्व टूना दिवस 2025 शुक्रवार, 2 मई को मनाया गया, जो इसका 9वां वार्षिक आयोजन है। यह दिन सतत टूना मत्स्य पालन और समुद्री संरक्षण के महत्व को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है।

पृष्ठभूमि

  • पहली बार 2 मई 2017 को मनाया गया।

  • 7 दिसंबर 2016 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव A/RES/71/124 को अपनाया, जिसमें 2 मई को विश्व टूना दिवस घोषित किया गया।

  • यह दिवस उन देशों और संगठनों द्वारा समर्थित है जो टूना संसाधनों में समृद्ध हैं, जैसे WWF (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर)।

महत्वपूर्ण विवरण

  • 96 से अधिक देश टूना मछली पकड़ने में शामिल हैं।

  • हर साल लगभग 70 लाख मीट्रिक टन टूना और उससे संबंधित प्रजातियाँ पकड़ी जाती हैं।

  • टूना की दो दर्जन से अधिक किस्में होती हैं। प्रमुख प्रजातियाँ हैं – ब्लूफिन, येलोफिन, स्किपजैक और अल्बाकोर।

  • ब्लूफिन टूना महासागर की सबसे तेज़ और गर्म रक्त वाली मछलियों में गिनी जाती है – इसे समुद्र की चीता भी कहा जाता है।

उद्देश्य

  • वैज्ञानिक और टिकाऊ मत्स्य प्रथाओं को बढ़ावा देना।

  • टूना भंडार की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित करना।

  • 2030 के सतत विकास लक्ष्यों (SDG), विशेष रूप से SDG 14 – जल के नीचे जीवन के साथ प्रयासों को जोड़ना।

महत्व

  • टूना सभी समुद्री मत्स्य उत्पादों के मूल्य का 20% और वैश्विक समुद्री व्यापार का 8% हिस्सा बनाता है।

  • यह द्वीपीय और तटीय देशों की खाद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

  • अत्यधिक और अवैध मत्स्य पालन समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता को खतरे में डालते हैं।

  • टूना मछली ओमेगा-3, विटामिन B12 और प्रोटीन से भरपूर होती है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • WWF का कहना है कि कई टूना प्रजातियाँ अत्यधिक मत्स्य पालन के कारण संकटग्रस्त हैं।

  • टिकाऊ टूना मछली पालन सुनिश्चित करने के लिए बेहतर निगरानी, उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

  • ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जो समुद्री जीवन की रक्षा करें और साथ ही आर्थिक जरूरतों को भी पूरा करें।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]

vikash

Recent Posts

AI की नई छलांग: Microsoft का MAI-Transcribe-1 तेज, सटीक और किफायती

AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…

28 mins ago

आउटर स्पेस ट्रीटी 1967 क्या है? सिद्धांत, सदस्य और महत्व

बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…

2 hours ago

भारतीय नौसेना INS अरिदमन: विशेषताएँ, भूमिका और रणनीतिक महत्व की व्याख्या

भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…

2 hours ago

Raja Ravi Varma की पेंटिंग ने रचा इतिहास, बनी भारत की सबसे महंगी कलाकृति

भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…

2 hours ago

भारत डोपिंग मामलों में सबसे ऊपर, एआईयू की सूची में केन्या को पीछे छोड़ा

एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…

3 hours ago

पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का समापन: कर्नाटक विजयी रहा

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…

4 hours ago