विश्व डाक दिवस हर साल 9 अक्टूबर को दुनिया भर में मनाया जाता है। इस दिन का मकसद लोगों और बिजनेस के लिए हर दिन काम आने वाले डाक विभाग की भूमिका के प्रति लोगों को जागरूक करना और सेलिब्रेट करना है। यह दिन वैश्विक सामाजिक और आर्थिक विकास में डाक के योगदान को बढ़ावा देने के लिए भी मनाया जाता है। पोस्ट दुनिया का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक नेटवर्क है। हर साल 150 से अधिक देश विभिन्न तरीकों से विश्व डाक दिवस मनाते हैं। कुछ देशों में, विश्व डाक दिवस को अवकाश के रूप में मनाया जाता है।
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विश्व डाक दिवस 2022 की थीम ‘पोस्ट फॉर प्लेनेट’ है। भारत में राष्ट्रीय डाक सप्ताह हर साल 9 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक मनाया जाता है। आपको बता दें की विश्व स्तर पर इस दिवस को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की स्थापना के दिन को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है।
विश्व डाक दिवस के माध्यम से लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। इस दिवस को मुख्य तौर पर लोगों में डाक सेवाओं की भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है। इसके उद्देश्य की बात करें तो इसका मुख्य उद्देश्य देशों के विकास सेवा के आर्थिक और सामाजिक महत्व को आगे बढ़ाना है।
साल 1840 के समय में इंग्लैंड में एक प्रणाली की शुरुआत की गई थी। इस प्रणाली के तहत जो भी डाक पत्र होते थें उन पर भुगतान पहले यानी प्रीपेड करना होता था। इस प्रणाली की शुरुआत सर रॉलैंड हिल द्वारा की गई थी। इस प्रणाली में पत्रों के लिए प्रीपेड भुगातने के साथ घरेलु सेवा के लिए एक श्रेणी निश्चित की गई थी, जिसमें समान भार वाले सभी पत्रों के लिए एक समान दर वसूल किया जाता था। इतना ही नहीं सर रॉलैंड हिल ने ही दुनिया की पहली डाक टिकट भी पेश की थी।
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