विश्व फार्मासिस्ट दिवस (World Pharmacists Day) हर साल 25 सितंबर को मनाया जाता है, ताकि फार्मासिस्टों के सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सुरक्षा में योगदान को सम्मानित किया जा सके। यह अवसर स्वास्थ्य सेवा में उनके महत्वपूर्ण योगदान—दवाओं की सही आपूर्ति, रोगी देखभाल, स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने आदि—को उजागर करता है।
2025 का विषय:
“Think Health, Think Pharmacist”
इस वर्ष का अभियान फार्मासिस्टों को केवल दवा वितरक नहीं बल्कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के रूप में वैश्विक रूप से मान्यता देने का संदेश देता है। यह स्वास्थ्य प्रणालियों, नीति ढांचों और रोगी देखभाल रणनीतियों में उनकी पूरी भागीदारी को सुनिश्चित करने पर जोर देता है।
महत्व:
स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए फार्मासिस्टों के योगदान का जश्न।
सुरक्षित दवा उपयोग के प्रति जनता में जागरूकता।
आपातकालीन स्थितियों में फार्मासिस्टों की भूमिका, जैसे COVID-19 महामारी।
फार्मेसी शिक्षा, नियामक अभ्यास और तकनीकी एकीकरण में प्रगति को उजागर करना।
विभिन्न विशेषज्ञताओं (सामुदायिक, क्लिनिकल, नियामक, शैक्षणिक और अनुसंधान) के फार्मासिस्टों के बीच ज्ञान साझा करना।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
संस्थापक: International Pharmaceutical Federation (FIP)
पहली बार मनाया गया: 2009
FIP की स्थापना: 25 सितंबर 1912
मुख्यालय: नीदरलैंड
सदस्यता: 144 राष्ट्रीय संगठन, विश्वभर में लाखों फार्मासिस्ट
मिशन: वैश्विक फार्मास्यूटिकल शिक्षा, विज्ञान और अभ्यास को बढ़ावा देना, और बेहतर फार्मेसी सेवाओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच सुनिश्चित करना।
सार्वजनिक स्वास्थ्य में फार्मासिस्टों की भूमिका:
सुलभ: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रारंभिक स्तर की देखभाल।
सुरक्षित: दुरुपयोग और प्रतिकूल प्रतिक्रिया से बचाव।
सक्षम: ई-प्रिस्क्रिप्शन, डिजिटल रिकॉर्ड और होम डिलीवरी का समर्थन।
सक्रिय: स्वास्थ्य अभियान, टीकाकरण और जागरूकता कार्यक्रम।
फार्माकोविजिलेंस, एंटीबायोटिक स्टुअर्डशिप और महामारी तैयारी में नेतृत्व।
भारत में प्रगति:
ई-फार्मेसी नियम और टेलीमेडिसिन का विकास।
आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ स्टैक में फार्मासिस्टों को शामिल करना।
COVID-19 टीकाकरण अभियान में सक्रिय योगदान।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) द्वारा शैक्षणिक उन्नयन।
भारत में फार्मासिस्टों को फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स के रूप में मान्यता।
मुख्य तथ्य:
मनाया जाता है: हर साल 25 सितंबर
स्थापित: FIP द्वारा 2009 में
2025 का विषय: “Think Health, Think Pharmacist”
FIP मुख्यालय: नीदरलैंड
FIP की स्थापना: 25 सितंबर 1912
प्रासंगिकता: सार्वजनिक स्वास्थ्य, फार्मेसी सुधार और वैश्विक स्वास्थ्य सेवा वितरण
भारत की न्यायपालिका में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड…
देश में महिला सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे बेहतर शहरों के रूप…
अरुणाचल प्रदेश का नवगठित जिला केयी पन्योर अब भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’ बनने जा…
भारत के नवाचार पारितंत्र को बड़ी मजबूती देते हुए तमिलनाडु ने देश की पहली समर्पित…
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 07 जनवरी 2026 को…
प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा…