विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2025

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस (World Patient Safety Day) हर वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाता है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक वैश्विक पहल है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, सुरक्षा और भरोसे को बढ़ावा देना तथा चिकित्सीय त्रुटियों को कम करना है।

2025 की थीम

“हर नवजात और हर बच्चे के लिए सुरक्षित देखभाल”

इस वर्ष का फोकस सबसे नाज़ुक वर्ग – नवजात शिशु और छोटे बच्चों की सुरक्षा पर है, जो अक्सर जन्म, निदान या उपचार के दौरान टाली जा सकने वाली त्रुटियों और संक्रमणों का शिकार होते हैं।

इतिहास और महत्व

  • स्थापना: 2019 में WHO द्वारा (विश्व स्वास्थ्य सभा में Global Action on Patient Safety प्रस्ताव पारित होने के बाद)।

  • उद्देश्य:

    • रोगी सुरक्षा के महत्व पर जागरूकता फैलाना।

    • स्वास्थ्य प्रणालियों में संरचनात्मक सुधार लाना।

    • रोगी-केंद्रित (patient-centered) देखभाल को बढ़ावा देना।

  • महत्व:

    • हर साल लाखों मरीज असुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाओं के कारण नुकसान उठाते हैं।

    • WHO के अनुसार, अस्पताल देखभाल प्राप्त करने वाले 10 में से 1 मरीज को नुकसान होता है, जिनमें से अधिकांश मामले रोके जा सकते हैं।

2025 की थीम के मुख्य बिंदु

  • प्रसूति एवं बाल चिकित्सा वार्डों में संक्रमण रोकथाम

  • नवजात और बाल स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना।

  • शुरुआती स्तर पर सटीक निदान और त्रुटिरहित उपचार

  • स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित बाल चिकित्सा देखभाल में प्रशिक्षित करना।

रोगी सुरक्षा क्यों ज़रूरी है?

  • अनावश्यक अस्पताल में लंबा समय और खर्च

  • बचाई जा सकने वाली मौतें

  • मरीज और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच भरोसे में कमी
    सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा से जवाबदेही, दक्षता और मानवीय गरिमा मजबूत होती है।

सुरक्षा में रोगियों की भूमिका

WHO के अनुसार, रोगी केवल सेवा प्राप्तकर्ता नहीं बल्कि सक्रिय भागीदार हैं:

  • पूछें, सुनिश्चित करें, दर्ज करें: निदान, दवाओं और उपचार की पुष्टि करें।

  • इतिहास और एलर्जी बताएं: चिकित्सकों को स्पष्ट जानकारी दें।

  • जानकारी प्राप्त करें: जोखिम, दुष्प्रभाव और सुरक्षित उपाय समझें।

WHO की भूमिका

  • सुरक्षा दिशा-निर्देश और टूलकिट प्रकाशित करना।

  • हर वर्ष वैश्विक जागरूकता अभियान चलाना।

  • देशों को नीतिगत सुधार लागू करने में सहयोग देना।

  • त्रुटियों को छिपाने की बजाय उनसे सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देना।

मुख्य तथ्य

  • तिथि: हर वर्ष 17 सितंबर

  • शुरुआत: विश्व स्वास्थ्य संगठन (2019)

  • 2025 की थीम: “हर नवजात और हर बच्चे के लिए सुरक्षित देखभाल”

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

1 day ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

1 day ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

1 day ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

1 day ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

1 day ago