विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2024 : जानें तारीख, थीम इतिहास और महत्व

हर साल, विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई को मनाया जाता है ताकि तंबाकू के सेवन से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके और इसके उपयोग को कम करने के लिए प्रभावी नीतियों का समर्थन किया जा सके। यह दिन हमें हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर, और श्वसन संबंधी बीमारियों जैसी कई जानलेवा बीमारियों की याद दिलाता है जो धूम्रपान से होती हैं। तंबाकू का उपयोग एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय है, जो दुनिया भर में लाखों रोके जा सकने वाली मौतों का कारण बनता है।

इतिहास और महत्व

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 1987 में एक प्रस्ताव (WHA40.38) पारित किया और 7 अप्रैल, 1988  “विश्व धूम्रपान निषेध दिवस” के रूप में घोषित किया। इसने संगठन की 40वीं वर्षगांठ को चिह्नित किया और ये व्यापक तंबाकू विरोधी आंदोलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इस पहल की सफलता के बाद, WHO ने 1988 में प्रस्ताव WHA42.19 स्थापित किया, जिससे हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस तंबाकू के उपयोग के खतरों और इसके साथ जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन से जुड़े खतरों पर प्रकाश डालता है, जो कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, और श्वसन संबंधी बीमारियों जैसी जानलेवा स्थितियों का कारण बनते हैं।

2024 के लिए थीम: “तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बच्चों की रक्षा करना”

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2024 का थीम “तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बच्चों की रक्षा करना” है। ताकि भविष्य की पीढ़ियों की रक्षा की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि तंबाकू के इस्तेमाल में गिरावट आए जिससे तंबाकू से संबंधित बीमारियों के कारण होने वाले महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।

धूम्रपान के नकारात्मक प्रभाव

धूम्रपान का मानव स्वास्थ्य पर कई हानिकारक प्रभाव पड़ता है, और इन परिणामों को समझना लोगों को इस हानिकारक आदत को छोड़ने या शुरू करने से बचने के लिए प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यहां धूम्रपान के कुछ दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव दिए गए हैं:

  1. कैंसर: धूम्रपान फेफड़ों, मुंह, गले, गला, अग्न्याशय, गुर्दे और मूत्राशय सहित कई प्रकार के कैंसर का मुख्य कारण है।
  2. हृदय रोग: धूम्रपान से हृदय रोग, कोरोनरी धमनी रोग और दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है।
  3. स्ट्रोक: धूम्रपान मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को कम करके स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा देता है।
  4. श्वसन संबंधी बीमारियाँ: धूम्रपान से क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, एम्फ़ाइसेमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) जैसी श्वसन संबंधी बीमारियाँ हो सकती हैं।
  5. प्रतिरक्षा प्रणाली में कमी: धूम्रपान प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है, जिससे शरीर संक्रमणों से लड़ने में कम सक्षम हो जाता है।
  6. गर्भावस्था में जटिलताएं: गर्भवती महिलाओं में धूम्रपान से समय से पहले जन्म, जन्म के समय कम वजन और नवजात मृत्यु दर का जोखिम बढ़ जाता है।
  7. दंत समस्याएं: धूम्रपान से मसूड़ों की बीमारी, दांतों का नुकसान और ओरल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  8. त्वचा का समय से पहले बूढ़ा होना: धूम्रपान त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे झुर्रियां और त्वचा की लोच कम हो जाती है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस तंबाकू महामारी का सामना करने और वर्तमान तथा भविष्य की पीढ़ियों को तंबाकू के उपयोग के विनाशकारी परिणामों से बचाने की तत्काल आवश्यकता का एक शक्तिशाली अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है।

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shweta

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