विश्व एनजीओ दिवस हर साल 27 फरवरी को मनाया जाता है ताकि गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों के समाधान में योगदान को सम्मानित और सराहा जा सके। यह दिन मानवीय सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, मानवाधिकार और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में एनजीओ की भूमिका को उजागर करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। विश्व एनजीओ दिवस 2025 की थीम “स्थायी भविष्य के लिए जमीनी आंदोलनों को सशक्त बनाना” है, जो स्थानीय संगठनों की स्थायी विकास में भूमिका को रेखांकित करती है। इस दिन की स्थापना 2010 में हुई थी और पहली बार 2014 में इसे मनाया गया था। यह दिन वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुका है, जहां सरकारें, व्यवसाय और समुदाय एनजीओ के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए सहयोग करते हैं।
विश्व एनजीओ दिवस न केवल एनजीओ के योगदान को मान्यता देने का अवसर है, बल्कि यह समाज के हर व्यक्ति को इन संगठनों के प्रयासों को समर्थन देने और बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है।
| सारांश/स्थिर जानकारी | विवरण |
| क्यों चर्चा में? | विश्व एनजीओ दिवस, तिथि, थीम, महत्व, उद्धरण |
| मनोयन तिथि | 27 फरवरी 2025 |
| 2025 की थीम | “स्थायी भविष्य के लिए जमीनी आंदोलनों को सशक्त बनाना” |
| संस्थापक | मार्किस लियर्स स्कैडमैनिस (लातविया) |
| पहली बार आयोजन | 27 फरवरी 2014 |
| उद्देश्य | वैश्विक विकास में एनजीओ के योगदान को पहचानना और सम्मानित करना |
| मुख्य कार्यक्षेत्र | मानवीय सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, मानवाधिकार, पर्यावरण |
| एनजीओ की चुनौतियाँ | वित्तीय सीमाएँ, नीति प्रतिबंध, संचालन कठिनाइयाँ |
| कैसे मनाया जाता है? | जागरूकता अभियान, चैरिटी ड्राइव, स्वयंसेवा, सोशल मीडिया पहल |
| वैश्विक मान्यता | संयुक्त राष्ट्र (UN), यूरोपीय संघ (EU) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा समर्थित |
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