विश्व पर्यावरणीय स्वास्थ्य दिवस 2025

विश्व पर्यावरणीय स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष 26 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिवस मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के गहरे संबंध की याद दिलाता है और सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करता है ताकि पर्यावरणीय खतरों से निपटा जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत जीवन शैली को बढ़ावा दिया जा सके।

2025 की थीम: “स्वच्छ वायु, स्वस्थ लोग” — यह वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या, इसके श्वसन स्वास्थ्य पर प्रभाव और जलवायु परिवर्तन से इसके संबंध को रेखांकित करती है।

खबरों में क्यों?

विश्व पर्यावरणीय स्वास्थ्य दिवस 2025 का महत्व इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि यह वायु गुणवत्ता और उसके स्वास्थ्य प्रभावों पर केंद्रित है। यह थीम विशेष रूप से ध्यान दिलाती है:

  • प्रदूषित वायु से होने वाले श्वसन रोगों का वैश्विक बोझ।

  • सतत शहरी नियोजन और स्वच्छ ऊर्जा नीतियों का महत्व।

  • पर्यावरणीय सुधारों की भूमिका सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में।

100 से अधिक देशों में यह दिवस शैक्षिक अभियानों, नीतिगत चर्चाओं और जमीनी स्तर की गतिविधियों के साथ मनाया जाता है।

इतिहास और उत्पत्ति

  • यह दिवस 2011 में इंडोनेशिया में अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय स्वास्थ्य महासंघ (IFEH) की परिषद बैठक में शुरू किया गया।

  • IFEH की स्थापना 1986 में हुई थी। इसका उद्देश्य पर्यावरणीय स्वास्थ्य से जुड़े ज्ञान और सहयोग को बढ़ावा देना है।

  • इस दिवस का मकसद था:

    • पर्यावरणीय कारकों और स्वास्थ्य परिणामों के बीच संबंध को उजागर करना।

    • प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छता और शहरीकरण जैसी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना।

    • नागरिक समाज और सरकारों को सतत सुधारों की ओर प्रेरित करना।

समय के साथ यह दिवस वैश्विक मंच बन गया है, जिसकी थीम में सुरक्षित जल, अपशिष्ट प्रबंधन और जलवायु लचीलापन जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं।

2025 की थीम: “स्वच्छ वायु, स्वस्थ लोग”

यह थीम सीधे इस बात पर ज़ोर देती है कि वायु गुणवत्ता का मानव स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है।

मुख्य उद्देश्य:

  • लोगों को जागरूक करना कि वायु प्रदूषण से दमा, COPD और हृदय रोग जैसी समस्याएँ होती हैं।

  • उत्सर्जन कम करने के लिए वैज्ञानिक शोध और नीतिगत हस्तक्षेपों को बढ़ावा देना।

  • पर्यावरण नीति और सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीतियों के बीच संबंध मजबूत करना।

  • सामुदायिक व व्यक्तिगत स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना।

  • एसडीजी लक्ष्यों (विशेषकर जलवायु कार्रवाई, स्वास्थ्य और सतत शहरों) के साथ तालमेल बनाना।

महत्व और प्रासंगिकता

यह दिवस महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • यह मान्यता देता है कि स्वास्थ्य और पर्यावरणीय गुणवत्ता सीधा संबंध रखते हैं।

  • प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और जलवायु लचीलापन पर कार्रवाई की ज़रूरत पर बल देता है।

  • हरे-भरे अभ्यासों को बढ़ावा देता है — जैसे वृक्षारोपण, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण–अनुकूल शहरी योजना।

  • वैश्विक सहयोग, सामुदायिक भागीदारी और साझेदारी को प्रोत्साहित करता है।

आयोजन और गतिविधियाँ

विश्व पर्यावरणीय स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जैसे:

  • शहरों व गाँवों में स्वच्छता अभियान

  • वृक्षारोपण कार्यक्रम

  • स्वास्थ्य जांच शिविर, विशेषकर श्वसन व प्रदूषण-संबंधी रोगों पर।

  • विद्यालयी कार्यक्रम, जिनमें बच्चों को सतत जीवनशैली का महत्व बताया जाता है।

  • मीडिया अभियान व जन चर्चाएँ, जो नीतियों और स्वास्थ्य जोखिमों पर केंद्रित हों।

  • विशेषज्ञ कार्यशालाएँ और पैनल चर्चा, जिनमें प्रदूषण व जलवायु जोखिमों से निपटने के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए जाएँ।

इन गतिविधियों से सामुदायिक लचीलापन बढ़ता है, जागरूकता फैलती है और सतत पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति विकसित होती है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 94 साल की उम्र में निधन

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 07 जनवरी 2026 को…

13 hours ago

प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) 2026: तिथि, इतिहास, महत्व और मुख्य तथ्य

प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा…

14 hours ago

आधार सेवाओं की जानकारी देने के लिए शुभंकर ‘उदय’ लॉन्च, जानें सबकुछ

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सार्वजनिक संचार को अधिक सरल, मानवीय और नागरिक-केंद्रित बनाने…

14 hours ago

भारतीय धावक जिन्‍सन जॉनसन ने की संन्यास की घोषणा

जिन्सन जॉनसन, भारत के प्रसिद्ध मध्य-दूरी धावक, ने प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा की…

14 hours ago

उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की

ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का…

15 hours ago

वैज्ञानिकों ने बिना किसी रुकावट के ठंडे एटम को मापने के लिए एक नई तकनीक विकसित की

बेंगलुरु स्थित रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) के वैज्ञानिकों ने ठंडे परमाणुओं (कोल्ड एटम्स) को बिना…

16 hours ago