हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस (World Elephant Day) मनाया जाता है। इस दिन हाथियों, उनके आवास और वो जिन परेशानियों का सामना करते हैं, उस बारे में लोगों को जागरुक बनाने का प्रयास किया जाता है। हाथी हमारे पर्यावरण को बचाने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। इस दिन उनकी अहमियत के बारे में भी लोगों को जागरूक बनाने की कोशिश की जाती है (World Elephant Day Celebrations)।
इतने महत्वपूर्ण होने के बावजूद हाथियों के संरक्षण के लिए World Elephant Day की शुरुआत काफी देर से की गई। एक कैनेडियन फिल्ममेकर पेट्रिसिया सिम्स और एचएम क्वीन सिरिकिट ने अन्य संरंक्षणकारियों के साथ मिलकर इस दिन को मनाने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने इंसानों द्वारा जंगल काटकर हाथियों के आवास को नष्ट करने, उनके इलाकों में घुसपैठ करने और उनका शिकार करने के खिलाफ आवाज उठाई थी और इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई।
इस साल विश्व हाथी दिवस की थीम बेहद खास चुनी गई है। इस साल की थीम है- “Personifying Prehistoric Beauty, Theological Relevance, and Environmental Importance”, यानी “प्रागैतिहासिक सौंदर्य, धार्मिक प्रासंगिकता और पर्यावरणीय महत्व को व्यक्त करना”।
हाथी को कई क्षेत्रों और संस्कृतियों में पवित्र और शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में भी हाथियों को भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है और कई जगहों पर इनकी पूजा भी की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अलावा, ये पर्यारण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ये वॉटर होल्स बनाते हैं, बीजों को इधर-उधर फैलाने में मदद करते हैं, जिससे नई-नई जगहों पर भी पौधे उगते हैं। ऐसे कई कारणों से हाथी पर्यावरण के लिए बेहद अहम माने जाते हैं और इसलिए इन्हें संरक्षित करना बेहद जरूरी है। हाथी बेहद समझदार, शांत और बुद्धिमान होते हैं, जिसके कारण इनका इंसानों के साथ भी अच्छा रिश्ता बनता है।
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