विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस हर साल 1 मार्च को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य नागरिक सुरक्षा, आपदा तैयारी और आपातकालीन प्रतिक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसे अंतर्राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा संगठन (ICDO) द्वारा स्थापित किया गया था, जो प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं से समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नागरिक सुरक्षा संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।
थीम 2025: “नागरिक सुरक्षा, जनसंख्या की सुरक्षा की गारंटी” यह विषय आपदा प्रबंधन रणनीतियों को मजबूत करने, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और जीवन तथा संपत्ति की सुरक्षा के लिए सक्रिय तैयारी की आवश्यकता पर बल देता है। इस दिन सरकारें, संगठन और आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियां प्रशिक्षण कार्यक्रम, मॉक ड्रिल और जागरूकता अभियान आयोजित करती हैं, ताकि आम जनता को संकटों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शिक्षित किया जा सके।
मुख्य बिंदु
विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस का महत्व
- जागरूकता बढ़ाना – नागरिक सुरक्षा उपायों और जोखिम न्यूनीकरण रणनीतियों पर समुदायों को शिक्षित करना।
- सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना – नागरिक सुरक्षा गतिविधियों में स्वयंसेवकों और आम जनता की भागीदारी को बढ़ावा देना।
- आपदा प्रतिक्रिया को मजबूत बनाना – बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए नीतियों और रणनीतियों को सुदृढ़ करना।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना – राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना।
विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस का इतिहास
- 1931: अंतर्राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा संगठन (ICDO) की स्थापना वैश्विक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए हुई।
- 1972: ICDO ने अपनी संधि को अपनाया, जिससे अंतरराष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा प्रयासों को औपचारिक रूप मिला।
- 1990: ICDO द्वारा विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस को आधिकारिक रूप से नामित किया गया और पहली बार इसे मनाया गया।
- वर्तमान: तब से यह दिन आपदा तैयारी और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए दुनिया भर में मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस?
- सार्वजनिक जागरूकता अभियान – समुदायों को आपदा की तैयारियों के बारे में शिक्षित करना।
- मॉक ड्रिल और आपातकालीन प्रशिक्षण – प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तत्परता बढ़ाना।
- सेमिनार और कार्यशालाएँ – आपदा प्रबंधन में नवीनतम प्रगति पर चर्चा करना।
- नागरिक सुरक्षा कर्मियों का सम्मान – जनता की सुरक्षा में उनके योगदान को मान्यता देना।
- जीवनरक्षक तकनीकों का प्रदर्शन – प्राथमिक चिकित्सा, अग्नि सुरक्षा और निकासी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देना।
आपदा प्रबंधन में नागरिक सुरक्षा की भूमिका
1. अर्ली वार्निंग सिस्टम (प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली)
- भूकंप, बाढ़ या आतंकवादी गतिविधियों जैसी आपदाओं की पहचान करता है।
- अधिकारियों और जनता को समय पर चेतावनी जारी करता है।
2. खोज और बचाव अभियान
- प्रशिक्षित कर्मी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को बचाते हैं।
- हताहतों की संख्या और क्षति को कम करने में मदद करता है।
3. चिकित्सा सहायता और प्राथमिक उपचार
- घायलों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करता है।
- प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय और चिकित्सा शिविर स्थापित करता है।
4. सामुदायिक जागरूकता और तैयारी
- लोगों को आपात स्थिति के दौरान प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने के लिए शिक्षित करता है।
- अग्नि सुरक्षा, भूकंप ड्रिल और निकासी प्रशिक्षण आयोजित करता है।
5. आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के साथ समन्वय
- सरकार, पुलिस, अग्निशमन सेवाओं और चिकित्सकों के साथ मिलकर कार्य करता है।
- आवश्यक आपूर्ति के वितरण और राहत प्रयासों के प्रबंधन में सहायता करता है।
विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस न केवल आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करता है बल्कि समुदायों को अधिक सतर्क और जागरूक बनाकर जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
| श्रेणी | विवरण |
| क्यों चर्चा में? | विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस 2025 |
| तारीख | 1 मार्च 2025 |
| स्थापना द्वारा | अंतर्राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा संगठन (ICDO) |
| प्रथम आयोजन | 1990 |
| 2025 की थीम | “नागरिक सुरक्षा, जनसंख्या की सुरक्षा की गारंटी” |
| उद्देश्य | नागरिक सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आपदा तैयारी को प्रोत्साहित करना |
| महत्व | आपातकालीन परिस्थितियों से नागरिकों की सुरक्षा में नागरिक सुरक्षा संगठनों की भूमिका को मान्यता देना |
| कहां मनाया जाता है? | विश्व स्तर पर |
| मुख्य गतिविधियां | प्रशिक्षण कार्यक्रम, आपातकालीन ड्रिल, जन जागरूकता अभियान, सामुदायिक सहभागिता गतिविधियां |


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