अमरावती के विकास कार्यों को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से बड़ी आर्थिक सहायता मिल रही है। विश्व बैंक ने अब तक अमरावती कैपिटल फेज-1 के लिए 340 मिलियन अमेरिकी डॉलर जारी कर दिए हैं। वहीं, अप्रैल के अंत तक अतिरिक्त 130 से 150 मिलियन डॉलर मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह फंडिंग विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की संयुक्त योजना का हिस्सा है, जिसके तहत कुल 1,600 मिलियन डॉलर (800-800 मिलियन डॉलर प्रत्येक संस्था से) का निवेश किया जाना है।
इस योजना का उद्देश्य अमरावती को एक आधुनिक, निवेश-आकर्षक और रोजगार सृजन करने वाला शहर बनाना है। इसके लिए शासन व्यवस्था को मजबूत करने और शहरी ढांचे के विकास पर काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सड़क नेटवर्क, आवास परियोजनाएं, जल आपूर्ति, सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम जैसे बुनियादी ढांचे का विकास तेजी से किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत युवाओं और महिलाओं हेतु स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि वे नए शहर में पैदा होने वाले रोजगार अवसरों का लाभ उठा सकें।
इस ऋण पर लगभग 8 से 8.5 प्रतिशत ब्याज दर लागू होगी, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार दरों के अनुसार बदलती रहेगी। विश्व बैंक के अनुसार, यह परियोजना ‘परफॉर्मेंस बेस्ड फंडिंग मॉडल’ पर आधारित है, जिसमें धनराशि तय मील के पत्थरों को हासिल करने के बाद जारी की जाती है, न कि तय समय सारणी के आधार पर।
विश्व बैंक के मुताबिक, बाढ़ प्रबंधन से जुड़े कार्यों में भी प्रगति हो रही है और छह स्थानों पर लगभग 35% काम पूरा हो चुका है। विश्व बैंक और एडीबी दोनों मिलकर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता के साथ अमरावती को एक आधुनिक, जलवायु-लचीला और आर्थिक रूप से मजबूत शहर बनाने में सहयोग जारी रखेंगे।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
भारतीय पहलवानों ने एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है। सुजीत कलकल और…
हंगरी में चुनावी नतीजों में दिग्गज राष्ट्रवादी नेता विक्टर ओर्बन को करारी हार का सामना…
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, भारत की इनोवेशन प्रणाली को एक बड़ा…
सर्वोच्च न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है कि वोट देने और चुनाव लड़ने का अधिकार…
भारत के समुद्री सुरक्षा ढांचे को मज़बूत करने के लिए, भारतीय नौसेना 2026 में 'कमांडर्स…
डाक विभाग, कर्नाटक पोस्टल सर्कल ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की उपलब्धियों का जश्न…