हर वर्ष 21 सितम्बर को विश्व अल्ज़ाइमर दिवस मनाया जाता है। यह एक वैश्विक जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य अल्ज़ाइमर रोग और अन्य डिमेंशिया के बारे में जानकारी फैलाना, कलंक को कम करना, देखभाल और शोध को बढ़ावा देना है। यह दिवस विश्व अल्ज़ाइमर माह (सितम्बर) का हिस्सा है, जो पूरे महीने मनाया जाता है।
अल्जाइमर दिवस मनाने के लिए हर साल एक खास थीम निर्धारित की जाती है। थीम के अनुसार दुनिया भर में अल्जाइमर की रोकथाम के कार्यक्रम साल भर चलाए जाते हैं। इस साल 2025 में विश्व अल्जाइमर दिवस की थीम – Alzheimer’s Day 2025 Theme ‘अल्जाइमर के बारे में पूछें, डिमेंशिया के बारे में पूछें'(Ask about Alzheimer’s, ask about dementia) तय की गई है
1994: अल्ज़ाइमर डिज़ीज़ इंटरनेशनल (ADI) की 10वीं वर्षगाँठ पर पहली बार 21 सितम्बर को मनाया गया।
2012: इसे बढ़ाकर विश्व अल्ज़ाइमर माह के रूप में मनाना शुरू किया गया, ताकि लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा सके।
तब से, इस दिन को वैश्विक आयोजनों, फंडरेज़िंग अभियानों, जागरूकता कार्यशालाओं और मेमोरी वॉक के जरिए मनाया जाता है।
लोगों को सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करना और डर व गलत धारणाओं को दूर करना।
लक्षण दिखने पर समय रहते डॉक्टर से परामर्श और प्रारंभिक निदान को बढ़ावा देना।
रोगियों, परिवारों और देखभालकर्ताओं पर इसके प्रभाव के बारे में जागरूक करना।
कलंक को घटाकर समाज में स्वीकृति और संवेदनशीलता बढ़ाना।
संवाद के महत्व को उजागर करना, ताकि बेहतर देखभाल और समझ विकसित हो सके।
वैश्विक चेतावनी: डिमेंशिया से प्रभावित लाखों लोगों की स्थिति को सामने लाता है।
प्रारंभिक निदान को प्रोत्साहन: समय पर इलाज और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करता है।
देखभालकर्ताओं का सम्मान: परिवार और केयरगिवर्स की भूमिका को मान्यता देता है।
कलंक से लड़ाई: मिथकों को तोड़ता है और प्रभावित लोगों को समाज से जोड़ता है।
शोध और रोकथाम को बढ़ावा: अधिक फंडिंग, वैज्ञानिक नवाचार और मस्तिष्क स्वास्थ्य पर जागरूकता को आगे बढ़ाता है।
मेमोरी वॉक और फंडरेज़र – शोध और देखभाल कार्यक्रमों के लिए समर्थन।
शैक्षणिक अभियान – कार्यशालाएँ, सेमिनार और वेबिनार।
सामुदायिक संवाद – कलंक कम करने और सहयोग को बढ़ावा देने हेतु चर्चा।
सांस्कृतिक और कला कार्यक्रम – सहानुभूति और करुणा को प्रोत्साहित करते हैं।
सोशल मीडिया अभियान – हैशटैग #AskAboutDementia और #AskAboutAlzheimers का उपयोग।
क्लीनिकल ट्रायल्स में भाग लें – शोध और संभावित उपचार में मदद करें।
दान और फंडरेज़िंग – वैश्विक और स्थानीय संगठनों का समर्थन करें।
मस्तिष्क-स्वस्थ आदतें अपनाएँ – संतुलित आहार, व्यायाम, मानसिक सक्रियता और सामाजिक मेलजोल से जोखिम घटता है।
स्वयंसेवा – डिमेंशिया देखभाल केंद्रों में सहयोग और साथ दें।
विश्व अल्ज़ाइमर दिवस: 21 सितम्बर 2025
थीम: “डिमेंशिया के बारे में पूछें। अल्ज़ाइमर के बारे में पूछें।”
पहली बार मनाया गया: 1994 (ADI द्वारा)
अल्ज़ाइमर रोग: मस्तिष्क को प्रभावित करने वाला प्रगतिशील तंत्रिका विकार, डिमेंशिया का सबसे आम कारण।
वैश्विक आँकड़े (WHO): लगभग 5.5 करोड़ लोग डिमेंशिया के साथ जीवन जी रहे हैं।
भारत का बोझ: लगभग 53 लाख मरीज, संख्या 2050 तक तीन गुना होने की संभावना।
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