अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने फ्रांस के सबसे बड़े बंदरगाह मार्सिले पोर्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) के माध्यम से भारत–यूरोपीय संघ व्यापार को मजबूत करना है। साझेदारी के तहत व्यापार सुगमता, बंदरगाह नवाचार और ऊर्जा संक्रमण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही IMEC कॉरिडोर से जुड़े प्रमुख बंदरगाहों के समन्वय के लिए “IMEC पोर्ट्स क्लब” स्थापित करने का भी प्रस्ताव है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड और मार्सिले पोर्ट के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में व्यापार और लॉजिस्टिक्स सहयोग को मजबूत करने के लिए कई रणनीतिक उद्देश्यों को शामिल किया गया है—
यह समझौता दक्षता, स्थिरता और बहु-मोडल लॉजिस्टिक्स एकीकरण पर केंद्रित गहरे सहयोग का संकेत देता है।
मार्सेई फोस यूरोप के भूमध्यसागरीय प्रवेश द्वार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है—
अडानी पोर्ट्स के साथ साझेदारी कर मार्सेई फोस भारत–मध्य पूर्व–यूरोप व्यापार प्रवाह को एक संरचित मार्ग प्रदान करता है, जिससे लॉजिस्टिक्स अधिक पूर्वानुमेय और प्रतिस्पर्धी बनता है।
IMEC कॉरिडोर के पूर्वी हिस्से में अडानी पोर्ट्स की परिसंपत्तियाँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं—
अब मार्सेई फोस के जुड़ने से अडानी पोर्ट्स को यूरोप में अंतिम कड़ी मिलती है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला की निरंतरता और मजबूती बढ़ती है।
यह साझेदारी भारत–यूरोप व्यापार संबंधों को नया आकार दे सकती है—
उद्योग विशेषज्ञ इसे एक सुरक्षित, प्रतिस्पर्धी और दीर्घकालिक यूरेशियाई व्यापार मार्ग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
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