कौन थे मुकुल रॉय?, बंगाल की राजनीति के चाणक्य ने ली अंतिम सांस

पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ राजनेता और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का 73 वर्ष की आयु में कोलकाता में निधन हो गया। उनका निधन साल्ट लेक स्थित Apollo Hospital में तड़के लगभग 1:30 बजे हृदयाघात (मैसिव कार्डियक अरेस्ट) के कारण हुआ। उनके पुत्र सुभ्रांशु रॉय ने उनके निधन की पुष्टि की। मुकुल रॉय लंबे समय से डिमेंशिया और पार्किंसन जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे और पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय राजनीति से दूर थे। करीब चार दशक लंबे राजनीतिक जीवन में मुकुल रॉय ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी तीनों दलों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

कौन थे मुकुल रॉय? ‘बंगाल की राजनीति के चाणक्य’

17 अप्रैल 1954 को जन्मे मुकुल रॉय अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्हें उनकी रणनीतिक राजनीतिक समझ के कारण “बंगाल की राजनीति का चाणक्य” कहा जाता था।

मुख्य तथ्य:

  • ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी
  • टीएमसी के शुरुआती वर्षों में दूसरे सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते थे
  • दो बार राज्यसभा सदस्य निर्वाचित
  • कृष्णानगर उत्तर से विधायक (MLA)

उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाई।

राजनीतिक सफर: टीएमसी के शिल्पकार से रेल मंत्री तक

मुकुल रॉय का राजनीतिक जीवन कई महत्वपूर्ण मोड़ों से गुजरा।

प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • 2011 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका, जिससे 34 वर्षों का वाम मोर्चा शासन समाप्त हुआ।
  • 2009–2011 तक जहाजरानी राज्य मंत्री
  • मार्च से सितंबर 2012 तक 32वें केंद्रीय रेल मंत्री, तत्कालीन प्रधानमंत्री Manmohan Singh के कार्यकाल में

उन्होंने रेल किराया वृद्धि विवाद के बाद Dinesh Trivedi का स्थान लिया। यद्यपि उनका कार्यकाल संक्षिप्त रहा, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।

राजनीतिक बदलाव और विवाद

मुकुल रॉय के राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए।

समयरेखा:

  • 2015 में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव पद से हटाए गए
  • 2017 में Bharatiya Janata Party (भाजपा) में शामिल
  • 2020 में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने
  • 11 जून 2021 को पुनः टीएमसी में वापसी

वे नारदा स्टिंग मामले में भी चर्चा में रहे। जनवरी 2026 में Supreme Court of India ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें उन्हें विधायक पद के लिए अयोग्य ठहराया गया था।

स्वास्थ्य समस्याएँ और निधन का कारण

23 फरवरी 2026 को उनका निधन हृदयाघात से हुआ।

हाल के स्वास्थ्य मुद्दे:

  • 2023 में डिमेंशिया और पार्किंसन रोग का निदान
  • 2023 में हाइड्रोसेफेलस के लिए ब्रेन सर्जरी
  • जुलाई 2024 में सिर में चोट और रक्त के थक्के की सर्जरी
  • मधुमेह और उम्र संबंधी अन्य बीमारियाँ
  • स्वास्थ्य गिरने के कारण वे 2022 से सक्रिय राजनीति से दूर थे।

संपत्ति और पारिवारिक जानकारी

हालिया चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग ₹50.85 लाख थी।

परिवार:

  • पिता: हरि देव कौशल (सेवानिवृत्त एसीपी, दिल्ली)
  • माता: अनुप कौशल (शिक्षिका)
  • भाई: राहुल देव (अभिनेता)
  • पूर्व पत्नी: शिल्पा देव
  • पुत्र: सुभ्रांशु रॉय

मुकुल रॉय का निधन पश्चिम बंगाल की राजनीति के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 hours ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 days ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

3 days ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

4 days ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

4 days ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

5 days ago