WHO ने जहरीले भारतीय कफ सिरप के बारे में चेतावनी दी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने तीन भारतीय निर्मित खांसी की सिरप — Coldrif, ReLife और Respifresh TR — के प्रति एक वैश्विक स्वास्थ्य चेतावनी (Global Health Alert) जारी की है। इन सिरपों में एक घातक औद्योगिक रासायनिक पदार्थ की मिलावट पाई गई है। यह चेतावनी मध्य प्रदेश में बच्चों की मौतों की पृष्ठभूमि में आई है, जो इन दवाओं में से एक के सेवन से हुईं। यह मामला दवा सुरक्षा नियमन में गंभीर कमियों को उजागर करता है और भारत सहित वैश्विक स्तर पर जनस्वास्थ्य के प्रति सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

पृष्ठभूमि: मध्य प्रदेश में बाल मृत्यु और WHO का हस्तक्षेप

मध्य प्रदेश में मौतें

  • छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) में 21 बच्चों की मृत्यु Coldrif सिरप पीने के बाद गंभीर गुर्दा विफलता (acute kidney failure) से हुई।

  • मौतों की बढ़ती संख्या ने राज्य व राष्ट्रीय जांच एजेंसियों को सक्रिय किया और यह मामला अंततः WHO के ध्यान में आया

WHO ने दूषित सिरप की पहचान की

WHO की जांच में निम्नलिखित दवाओं के बैच पाए गए —

  • कोल्ड्रिफ (स्रेसन फार्मास्यूटिकल्स)

  • रीलाइफ (शेप फार्मा)

  • रेस्पिफ्रेश टीआर (रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स)

इनमें Diethylene Glycol (DEG) का स्तर 48.6% तक पाया गया, जो मानक सीमा से कई गुना अधिक है। DEG मानव उपयोग के लिए अनुमोदित नहीं है और यह विशेष रूप से बच्चों के लिए घातक विषाक्त पदार्थ है।

WHO ने इन उत्पादों को “गंभीर और संभावित रूप से जानलेवा खतरा” बताया और सभी देशों को अपने आपूर्ति श्रृंखलाओं (supply chains) की जाँच करने तथा प्रभावित बैचों की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी।

डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG): एक जानलेवा रसायन

DEG (Diethylene Glycol) का उपयोग औद्योगिक उद्देश्यों में किया जाता है, न कि दवाओं में। यह मानव शरीर के लिए विषैला होता है, और इसके सेवन से निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं —

  • उल्टी और पेट दर्द

  • तंत्रिका तंत्र पर असर (neurological complications)

  • तीव्र गुर्दा क्षति (acute kidney injury)

  • गंभीर मामलों में मृत्यु

यह पहली बार नहीं है जब DEG से त्रासदी हुई हो — इससे पहले गाम्बिया, इंडोनेशिया और उज़्बेकिस्तान में भी बच्चों की मृत्यु ऐसे ही दूषित सिरपों से हुई थी।

नियामकीय और कानूनी परिणाम

उत्पादन में गंभीर उल्लंघन

  • CDSCO (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) और राज्य प्राधिकरणों की जांच में Sresan Pharmaceuticals में 300 से अधिक उल्लंघन पाए गए।

  • इनमें गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज़ (GMP) की अनुपालना न होना और प्रयोगशाला नियंत्रण की कमी शामिल थी।

  • ReLife और Respifresh TR बनाने वाली गुजरात स्थित कंपनियों में भी समान कमियाँ पाई गईं।

निर्यात पर स्थिति

CDSCO ने पुष्टि की कि दूषित सिरप का कोई बैच निर्यात नहीं किया गया, और US FDA ने भी यह सत्यापित किया कि ये बैच संयुक्त राज्य अमेरिका नहीं भेजे गए

महत्वपूर्ण स्थिर तथ्य

विषय विवरण
WHO मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड
WHO महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसस
CDSCO भारत की केंद्रीय दवा नियामक संस्था (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत)
DEG (Diethylene Glycol) औद्योगिक विलायक, मानव उपयोग के लिए विषैला
GMP (Good Manufacturing Practices) दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के मानक
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

केरल के वायनाड में पेपरलेस कोर्ट की शुरुआत, जानें सबकुछ

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने 06 जनवरी 2026 को केरल के वायनाड…

22 mins ago

ट्रंप ने 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने का आदेश दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 07 जनवरी 2026 को एक बड़ा कदम उठाते हुए एक…

34 mins ago

गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्री सम्मेलन 2026

राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन 2026 का शुभारंभ 8 जनवरी 2026 को गुवाहाटी में हुआ।…

1 hour ago

ए.के. बालासुब्रमण्यन 2026 के लिए AERB का चेयरमैन नियुक्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने जनवरी 2026 में…

2 hours ago

ICJS 2.0 रैंकिंग में उत्तराखंड पुलिस देश में पहले स्थान पर

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB), गृह मंत्रालय के अंतर्गत, ने इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS)…

4 hours ago

Indian Navy की फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन दक्षिण पूर्व एशिया के लिए रवाना

भारतीय नौसेना (Indian Navy) के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (First Training Squadron – 1TS) ने दक्षिण-पूर्व…

4 hours ago