किस मसाले को गोल्डेन स्पाइस कहा जाता है?

हल्दी को इसके चमकीले पीले रंग, आयुर्वेद में इसके विस्तृत इतिहास और इसके अनेक स्वास्थ्य लाभों के चलते ‘गोल्डेन स्पाइस’ कहा जाता है। कुकिंग, चिकित्सा और धार्मिक समारोहों में इस्तेमाल होने वाली हल्दी का विश्वभर में सांस्कृतिक और औषधीय महत्व है।

मसाले हमारे रोजमर्रा के जीवन में स्वाद, रंग और स्वास्थ्य लाभ के अतिरिक्त बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। कुछ मसाले अपने स्वाद के अलावा, अपने जीवंत रंग और औषधीय गुणों के लिए भी खास होते हैं। ऐसा ही एक मसाला कई देशों की रसोई, घरेलू उपचारों और परंपराओं में बहुत प्रसिद्ध है। इसका उपयोग प्राचीन समय से होता आ रहा है और आज भी इसे उच्च महत्व दिया जाता है।

किस मसाले को गोल्डेन स्पाइस कहा जाता है?

हल्दी को गोल्डेन स्पाइस कहा जाता है। यह अपने चमकीले पीले-नारंगी रंग और गर्म, मिट्टी जैसे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। हल्दी अदरक से संबंधित एक पौधे की जड़ से प्राप्त होती है। भारत में इसे आमतौर पर हल्दी कहा जाता है और इसका उपयोग भोजन, अनुष्ठानों और घरेलू उपचारों में दैनिक रूप से किया जाता है।

हल्दी का घर और इतिहास

हल्दी की उत्पत्ति भारत और दक्षिणपूर्व एशिया में 4,000 वर्ष से भी अधिक समय पहले हुई थी। प्राचीन लोग इसका उपयोग न केवल भोजन में बल्कि धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक चिकित्सा में भी करते थे। केसर की तरह सुनहरा रंग होने और उससे काफी कम कीमत के कारण इसे कभी भारतीय केसर भी कहा जाता था। भारत आज भी विश्व में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक और उपयोगकर्ता है।

हल्दी इतनी खास क्यों है?

हल्दी में करक्यूमिन नामक एक प्राकृतिक यौगिक पाया जाता है । यही पदार्थ हल्दी को उसका रंग और उसके अधिकांश स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। करक्यूमिन सूजन कम करने, शरीर को नुकसान से बचाने और संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक होता है। यही कारण है कि हल्दी का उपयोग आयुर्वेद और आधुनिक स्वास्थ्य पूरकों में किया जाता है।

हल्दी के स्वास्थ्य संबंधी लाभ

हल्दी जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में सहायक होती है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। कई लोग इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए करते हैं क्योंकि यह घावों को भरने और त्वचा की चमक बढ़ाने में मदद करती है। सर्दी-खांसी के लिए हल्दी युक्त गर्म दूध पीना एक लोकप्रिय घरेलू नुस्खा है।

हल्दी के रोजमर्रा के उपयोग

हल्दी का व्यापक रूप से करी, सब्जियों, चावल के व्यंजनों और अचार में उपयोग किया जाता है। इसका प्रयोग फेस पैक, हर्बल दवाओं और यहां तक ​​कि प्राकृतिक रंगों में भी होता है। भारतीय घरों में हल्दी धार्मिक अनुष्ठानों का एक अभिन्न अंग है और इसे पवित्रता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

हल्दी के बारे में रोचक तथ्य

हल्दी क्षारीय पदार्थों के साथ मिलाने पर लाल हो जाती है, जिससे यह साधारण वैज्ञानिक परीक्षणों में उपयोगी साबित होती है। काली मिर्च के साथ खाने पर शरीर हल्दी को बेहतर ढंग से अवशोषित करता है। तमिलनाडु का इरोड शहर अपने विशाल हल्दी बाजार के लिए विश्व प्रसिद्ध है और इसे अक्सर ‘पीला शहर’ कहा जाता है।

गोल्डेन स्पाइस बनाम अन्य प्रसिद्ध मसाले

हल्दी को गोल्डेन स्पाइस कहा जाता है, वहीं केसर को लाल सोना कहा जाता है क्योंकि यह बहुत महंगा होता है। काली मिर्च को काला सोना कहा जाता है, और हींग को इसकी तेज गंध के कारण अक्सर शैतान का मसाला कहा जाता है। हर मसाले की अपनी एक खास पहचान है, लेकिन हल्दी अपने रंग, स्वास्थ्य लाभ और दैनिक उपयोग के कारण अलग पहचान रखती है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vaibhav

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

1 day ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

2 days ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

2 days ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

2 days ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

2 days ago