दुनिया भर में कई शहरों को उनकी सुंदरता, संस्कृति या विशिष्ट रूप के कारण विशेष उपनाम दिए गए हैं। कुछ शहरों को उनके भवनों, सड़कों और आसपास के वातावरण के रंग के आधार पर नाम मिला है। ऐसा ही एक प्रसिद्ध उपनाम है “श्वेत नगरी (White City)”। यह नाम चमकती हुई दीवारों, शांत सड़कों और स्वच्छ, उज्ज्वल आकर्षण की छवि प्रस्तुत करता है। यह उपनाम उस स्थान से जुड़ा है, जो अपनी हल्के रंग की वास्तुकला और कालातीत सुंदरता के लिए जाना जाता है।
वास्तुकला इमारतों और संरचनाओं—जैसे घर, स्कूल, कार्यालय और पूरे शहर—की रूपरेखा बनाने और निर्माण करने की कला और विज्ञान है। यह केवल इमारतों को सुंदर बनाने तक सीमित नहीं है। वास्तुकला में आराम, सुरक्षा, जलवायु, संस्कृति और लोगों की दैनिक आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाता है। एक अच्छी तरह से डिज़ाइन की गई इमारत जीवन को बेहतर बना सकती है, ऊर्जा की बचत कर सकती है और किसी स्थान की आत्मा और पहचान को दर्शा सकती है।
इज़राइल का तेल अवीव शहर दुनिया की “श्वेत नगरी (White City)” के रूप में प्रसिद्ध है। यह भूमध्यसागरीय तट पर स्थित है और यहाँ हजारों सफेद रंग की इमारतें हैं, जो बॉहाउस (Bauhaus) नामक विशेष आधुनिक स्थापत्य शैली में बनी हैं। इसी कारण तेल अवीव को विश्व में आधुनिक वास्तुकला के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण संग्रहों में से एक माना जाता है।
“श्वेत नगरी” नाम शहर में फैली हल्के रंग की इमारतों से आया है। इन इमारतों का निर्माण 20वीं सदी के प्रारंभ में उन वास्तुकारों द्वारा किया गया था, जो यूरोप की आधुनिक स्थापत्य अवधारणाओं से प्रभावित थे।
सफेद दीवारें सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करती हैं, जिससे गर्म भूमध्यसागरीय जलवायु में इमारतें ठंडी रहती हैं। चौड़ी बालकनियाँ, सपाट छतें, छायादार खिड़कियाँ और खुले स्थान जीवन को अधिक आरामदायक बनाते हैं। ये सभी विशेषताएँ मिलकर शहर को उज्ज्वल, स्वच्छ और शांत स्वरूप प्रदान करती हैं।
बॉहाउस एक ऐसी स्थापत्य शैली है, जो निम्न सिद्धांतों पर आधारित है—
तेल अवीव में इन विचारों को स्थानीय जलवायु और संस्कृति के अनुसार थोड़ा बदला गया। परिणामस्वरूप, यहाँ की इमारतें आधुनिक भी दिखती हैं और गर्म तटीय वातावरण के अनुकूल भी होती हैं।
1925 से 1927 के बीच, पैट्रिक गेड्स (Patrick Geddes) नामक नगर योजनाकार ने तेल अवीव के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया। उन्होंने शहर को एक “जीवित शरीर” के रूप में कल्पना किया, जहाँ घर, सड़कें, पार्क और लोग आपसी सामंजस्य के साथ कार्य करें।
श्वेत नगरी मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में फैली हुई है—
वास्तुकारों ने ऐसी इमारतें डिज़ाइन कीं, जो गर्म क्षेत्र में दैनिक जीवन के अनुकूल हों। इनमें शामिल हैं—
ये विशेषताएँ घरों को ठंडा और हवादार बनाए रखती हैं। साथ ही, ये खुले में रहने की संस्कृति को बढ़ावा देती हैं, जो स्थानीय जीवनशैली से पूरी तरह मेल खाती है।
तेल अवीव की श्वेत नगरी 20वीं सदी के प्रारंभिक आधुनिक भवनों का विश्व में सबसे बड़ा समूह मानी जाती है। इसके ऐतिहासिक और स्थापत्य महत्व के कारण इसे विशेष विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह दर्शाती है कि किस प्रकार यूरोपीय आधुनिक विचारों को स्थानीय आवश्यकताओं के साथ सुंदर ढंग से जोड़ा गया।
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