अमेरिकी सरकार का एआई पर बड़ा एलान; 500 अरब डॉलर का होगा निवेश

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई कंपनी के जरिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के बुनियादी ढांचे में 500 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इसकी योजना ओरेकल, सॉफ्टबैंक और ओपन एआई के साथ साझेदारी में बनाई जा रही है। माना जा रहै कि यह आईटी क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी परियोजना होगी।

10 डेटा केंद्रों से शुरू होगा एआई में निवेश का काम

‘स्टारगेट’ नामक यह उद्यम, अमेरिकी डेटा केंद्रों में प्रौद्योगिकी कंपनियों के महत्वपूर्ण निवेश का प्रतीक होगा। तीनों कंपनियों ने इस उद्यम के लिए वित्तीय मदद करने की योजना बनाई है। अन्य निवेशक भी इसमें निवेश कर पाएंगे। इसकी शुरुआत टेक्सास में बन रहे 10 डेटा केंद्रों से होगी। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में ओरेकल के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी लैरी एलिसन, सॉफ्टबैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मासायोशी सोन और ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के साथ इसकी घोषणा की।

इतने लोगों को मिलेगी नौकरी

राष्ट्रपति ने कहा कि उस नाम को अपनी पुस्तकों में लिख लें क्योंकि मुझे लगता है कि आप भविष्य में इसके बारे में बहुत कुछ सुनने वाले हैं। एक नई अमेरिकी कंपनी जो अमेरिका में एआई बुनियादी ढांचे में 500 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी और बेहद तेजी से आगे बढ़ेगी और इससे तुरंत 1,00,000 से अधिक अमेरिकी नौकरियों का सृजन होगा।

एआई की दुनिया में स्टारगेट का काम जल्द होगा शुरू

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि स्टारगेट तुरंत काम शुरू करेगा, ताकि एआई में अगली पीढ़ी की प्रगति को बढ़ावा देने के लिए भौतिक और आभासी बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा सके।

स्टारगेट क्या है?

स्टारगेट एक नई कंपनी है जिसका उद्देश्य उन्नत एआई के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करना है। इसमें डेटा सेंटर और बिजली उत्पादन सुविधाएं बनाना शामिल है, जो तेजी से विकसित हो रहे AI परिदृश्य को शक्ति प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसमें शुरुआती निवेश 100 अरब डॉलर का होगा जिसे बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाया जा सकता है। यह परियोजना टेक्सास में केंद्रित है, जहां पहले 10 डेटा सेंटर का निर्माण पहले ही शुरू हो चुका है।

परियोजना में कौन-कौन लोग हैं शामिल?

स्टारगेट परियोजना का संचालन तीन दिग्गजों की साझेदारी में होगा। उनके नाम हैं-

  • मासायोशी सोन, सॉफ्टबैंक के संस्थापक
  • सैम ऑल्टमैन, ओपनएआई के सीईओ
  • लैरी एलिसन, ओरेकल के अध्यक्ष

एआई को 500 अरब डॉलर के परियेाजना की आवश्यकता क्यों पड़ी

एआई विकास के लिए बहुत ज़्यादा कंप्यूटिंग शक्ति की जरूरत होती है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए जरूरत होती है बहुत सारे डेटा सेंटर और ऊर्जा संसाधन की। उदाहरण के लिए, ओपनएआई ने चैटजीपीटी जैसी प्रणालियों को विकसित करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के बुनियादी ढांचे पर भरोसा किया है, लेकिन अब वह अपनी क्षमताओं का विस्तार और अनुकूलन करने के लिए अपनी खुद की सुविधाएं बनाना चाहता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

4 weeks ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago