विश्व बैंक की नवीनतम रिपोर्ट ‘विश्व बैंक के प्रेषण मूल्य विश्वव्यापी डेटाबेस (World Bank’s Remittance Prices Worldwide Database)’ के अनुसार, भारत 2021 में 87 बिलियन अमरीकी डालर प्राप्त करके प्रेषण का दुनिया का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता बन गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) इसका सबसे बड़ा स्रोत था, जो इन निधियों के 20% से अधिक के लिए जिम्मेदार था। भारत के बाद चीन, मैक्सिको, फिलीपींस और मिस्र का स्थान है। भारत में, प्रेषण 2022 में 3% बढ़कर 89.6 बिलियन अमरीकी डॉलर होने का अनुमान है।
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