सुंदरम क्लाइमेट इंस्टीट्यूट की संस्थापक मृदुला रमेश (Mriduala Ramesh), जो पानी और अपशिष्ट समाधान पर काम करती है और क्लीनटेक स्टार्ट-अप में एंजेल निवेशक है, ने “वाटरशेड: हाउ वी डिस्ट्रॉयड इंडियाज वॉटर एंड हाउ वी कैन सेव इट (Watershed: How We Destroyed India’s Water And How We Can Save It)” नामक एक नई किताब लिखी है। मृदुला रमेश “द क्लाइमेट सॉल्यूशन (The Climate Solution)” की लेखिका हैं और वह नियमित रूप से जलवायु मुद्दों पर लिखती हैं। वह वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF), भारत के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की सदस्य और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आंध्र प्रदेश (AP) में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की चेयरपर्सन भी हैं।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
हिन्दू रिव्यू नवम्बर 2021, Download Monthly Hindu Review PDF in Hindi
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]पृथ्वी का घूर्णन दिवस (Earth’s Rotation Day) प्रत्येक वर्ष 8 जनवरी को विश्वभर में मनाया…
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), जो रक्षा मंत्रालय (MoD) के अधीन कार्य करता है,…
HSBC प्राइवेट बैंक ने जनवरी 2026 में, इडा लियू (Ida Liu) को अपना नया मुख्य…
संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को ‘अंतर्राष्ट्रीय वर्ष चरागाह और पशुपालक (International Year for Rangelands and…
भारत ने एक ऐतिहासिक वैश्विक उपलब्धि हासिल की है, जब यह सड़क निर्माण के लिए…
मिजोरम के वैज्ञानिकों की एक टीम ने रूस, जर्मनी और वियतनाम के शोधकर्ताओं के सहयोग…