उपराष्ट्रपति धनखड़ ने संसद के अधिकारों और विशेषाधिकारों पर पुस्तक का विमोचन किया

13 जनवरी 2025 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने डॉ. के.एस. चौहान की पुस्तक “Parliament: Powers, Functions & Privileges; A Comparative Constitutional Perspective” का विमोचन किया। इस अवसर पर धनखड़ ने लेखक की समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की, जो उन्होंने लोकतंत्र में संसद की जटिल भूमिका को समझने में लगाई। पुस्तक में संसद के कार्यों, विशेषाधिकारों और सरकार की जवाबदेही बनाए रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया है, विशेष रूप से यह समझाने में कि ये तत्व देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को कैसे प्रभावित करते हैं।

कार्यक्रम के प्रमुख अंश:

  • उपराष्ट्रपति का संबोधन:
    • डॉ. चौहान के संसद कानून में समर्पण की सराहना की।
    • यह बताया कि संसद लोकतंत्र का आधार है और सरकार को जवाबदेह ठहराने का कार्य करती है।
    • संसद की कार्यशीलता को सार्वजनिक विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए जरूरी बताया।
  • पुस्तक के मुख्य बिंदु:
    • सरकार की निगरानी में संसद की भूमिका और जिम्मेदारियों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है।
    • जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संवाद, बहस और विचार-विमर्श की महत्ता पर चर्चा की।
    • संसद के विशेषाधिकारों की महत्ता और सांसदों द्वारा इनके जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
  • सम्मानित अतिथियों की टिप्पणियाँ:
    • राज्यसभा सचिवालय के जनरल सचिव पी.सी. मोदी और भारत के अटॉर्नी जनरल ने भी डॉ. चौहान के कार्य की सराहना की।
    • पुस्तक को नीति निर्माता, कानून के छात्र और सांसदों के लिए एक मूल्यवान संसाधन बताया गया।
  • धनखड़ के विचार:
    • उन्होंने डॉ. चौहान के साथ अपनी लंबी जुड़ीता पर विचार किया और संसद की कार्यप्रणाली पर उनके वर्षों के समर्पण को सराहा।
    • इस पुस्तक को संसद और इसके कार्यों को समझने के लिए एक आवश्यक मार्गदर्शिका के रूप में वर्णित किया।
  • पुस्तक का महत्व:
    • यह संसदीय शक्तियों और विशेषाधिकारों को समझने के लिए एक प्रमुख संसाधन है।
    • यह सरकार की जवाबदेही बनाए रखने में संसद की भूमिका को सराहने में मदद करता है।
    • यह नीति निर्माण, कानून और संसद के कार्यों में शामिल हर व्यक्ति के लिए अमूल्य है।
सारांश/स्थिर बिंदु विवरण
समाचार में क्यों? उपराष्ट्रपति धनखड़ ने संसद के अधिकारों और विशेषाधिकारों पर पुस्तक का विमोचन किया।
उपराष्ट्रपति का संबोधन – डॉ. चौहान के संसदीय कानून कार्य पर सराहना की।
– संसद के लोकतंत्र और जवाबदेही में भूमिका पर जोर दिया।
पुस्तक का शीर्षक “Parliament: Powers, Functions & Privileges; A Comparative Constitutional Perspective”
पुस्तक के मुख्य विषय – जवाबदेही में संसद की भूमिका।
– संसद के विशेषाधिकार और जिम्मेदार उपयोग।
– संवाद, बहस और विचार-विमर्श का महत्व।
सम्मानित अतिथियों की टिप्पणियाँ पी.सी. मोदी (राज्यसभा सचिवालय के महासचिव) और अटॉर्नी जनरल ने डॉ. चौहान के कार्य की सराहना की।
उपराष्ट्रपति के विचार डॉ. चौहान के साथ लंबी जुड़ीता का उल्लेख करते हुए उनके समर्पण की सराहना की।
लक्ष्य दर्शक नीति निर्माता, कानून छात्र, सांसद, और संसद अध्ययन में रुचि रखने वाले लोग।
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vikash

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