Categories: Current AffairsSports

विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जिससे इस खेल का एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी अध्याय समाप्त हो गया। कोहली अपनी बेजोड़ जुनून, आक्रामक कप्तानी और लगातार रन बनाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एक ऐसी विरासत छोड़ी है जिसे दोहराना बेहद मुश्किल होगा।

गौरवशाली करियर के आँकड़े

14 वर्षों के लंबे टेस्ट करियर में विराट कोहली ने 123 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 254* रन रहा। उनके नाम 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं, जिससे वह भारत के सर्वकालिक महान बल्लेबाज़ों में शामिल हो गए हैं।

कोहली भारत के टेस्ट क्रिकेट में चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ के रूप में संन्यास ले रहे हैं—उनसे आगे केवल सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सुनील गावस्कर हैं।

एक ऐसा कप्तान जिसने भारतीय टेस्ट क्रिकेट की परिभाषा बदली

कोहली का प्रभाव केवल बल्लेबाज़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने एक क्रांतिकारी कप्तान के रूप में भी भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी। 2014 में टेस्ट कप्तान नियुक्त होने के बाद उन्होंने भारत की कप्तानी में 68 टेस्ट खेले, जिसमें 40 में जीत, 11 ड्रॉ और 17 में हार मिली। उनका जीत प्रतिशत 58.82% रहा—जो किसी भी भारतीय टेस्ट कप्तान के लिए सबसे ऊँचा है।

उनकी कप्तानी में भारत ने कई ऐतिहासिक मुकाम हासिल किए, जिसमें 2018–19 में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज़ जीतना सबसे अहम था—जो भारतीय टीम की ऑस्ट्रेलियाई ज़मीन पर पहली टेस्ट सीरीज़ जीत थी। कोहली के कार्यकाल में भारत ICC टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 बना और फिटनेस तेज गेंदबाज़ी की गहराई पर खास ध्यान दिया गया।

अंतिम प्रदर्शन और हालिया फॉर्म

कोहली का आख़िरी टेस्ट मैच 2025 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान सिडनी में खेला गया था। इस मैच में भारत को छह विकेट से हार मिली और ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज़ 3-1 से जीत ली। इस सीरीज़ में कोहली का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा—उन्होंने नौ पारियों में केवल 190 रन बनाए, जिसमें केवल एक शतक शामिल था।

36 वर्ष की उम्र में उनकी हालिया फॉर्म पर सवाल उठ रहे थे और माना जा रहा है कि उनके संन्यास का फैसला इस गिरती लय से प्रभावित रहा।

रोहित शर्मा के संन्यास के साथ एक युग का अंत

कोहली की घोषणा रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के ठीक बाद आई है, जिससे भारतीय टेस्ट क्रिकेट में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। दो वरिष्ठ खिलाड़ियों के हटने के बाद अब भारत को नए नेतृत्व की ओर देखना होगा।

शुभमन गिल को टेस्ट कप्तानी के प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा है, जो एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इंग्लैंड सीरीज़ से पहले चयन की चुनौती

कोहली के संन्यास से टीम इंडिया को तुरंत प्रभाव पड़ने वाला है। अगले महीने भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पाँच टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेलनी है, और कोहली तथा रोहित की गैरमौजूदगी से मिडिल ऑर्डर काफी कमजोर हो गया है।

अब चयनकर्ताओं के सामने चुनौती होगी कि टीम के बल्लेबाज़ी क्रम का पुनर्निर्माण कैसे किया जाए ताकि विदेशी परिस्थितियों में प्रतिस्पर्धात्मकता बनी रहे—यह कार्य टीम की गहराई और मानसिक मज़बूती की कड़ी परीक्षा होगी।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]

vikash

Recent Posts

सर्वेश रंजन बने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नए चीफ जनरल मैनेजर

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है।…

5 mins ago

नई दिल्ली में फ्यूचर वॉरफेयर कोर्स का तीसरा एडिशन लॉन्च

भारत ने औपचारिक रूप से भविष्य के युद्धों के लिए अपने सैन्य नेतृत्व को तैयार…

14 mins ago

Grammy Awards 2026: दलाई लामा ने जीता पहला ग्रैमी अवॉर्ड, जानें क्यों मिला पुरस्कार

लॉस एंजिलिस में आयोजित 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए 90 वर्ष की आयु…

2 hours ago

जनवरी में GST कलेक्शन ₹1.93 लाख करोड़ के पार क्यों पहुंचा?

भारत की कर संग्रहण स्थिति 2026 की शुरुआत में मजबूत बनी हुई है। जनवरी 2026…

3 hours ago

जानें कौन हैं एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया, जिन्होंने संभाली ईस्टर्न एयर कमांड की कमान

एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ( Air Marshal Inderpal Singh Walia ) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…

5 hours ago

16वें वित्त आयोग ने 41% हिस्सेदारी का बंटवारा क्यों बनाए रखा?

केंद्र और राज्यों के बीच धन के बंटवारे ने एक नए चरण में प्रवेश कर…

5 hours ago