भारत ने अपने सेमीकंडक्टर सफर में बड़ी छलांग लगाते हुए विक्रम-3201, देश का पहला “मेड-इन-भारत” 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर लॉन्च किया है। इसे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2 सितंबर 2025 को सेमिकॉन इंडिया 2025 (नई दिल्ली) में प्रस्तुत किया। यह उपलब्धि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और चिप निर्माण में वैश्विक केंद्र बनने की महत्वाकांक्षा को रेखांकित करती है।
सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की ओर कदम
भारत ने 2021 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया था ताकि विदेशी माइक्रोप्रोसेसरों पर निर्भरता कम की जा सके। सिर्फ साढ़े तीन वर्षों में भारत उपभोक्ता से उत्पादक बना। विक्रम-3201 का अनावरण इस यात्रा का ऐतिहासिक क्षण है।
रणनीतिक और प्रतीकात्मक प्रभाव
पीएम मोदी ने चिप्स को “डिजिटल डायमंड्स” बताया और कहा कि यह भारत की उभरती सेमीकंडक्टर शक्ति का प्रतीक है।
संयुक्त विकास: इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) और सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी (SCL), मोहाली द्वारा विकसित।
प्रोसेस तकनीक: 180 nm CMOS फैब्रिकेशन।
अपग्रेड: यह विक्रम-1601 (16-बिट प्रोसेसर, 2009 से उपयोग) का उत्तराधिकारी है।
32-बिट आर्किटेक्चर – बेहतर डाटा प्रोसेसिंग क्षमता।
फ्लोटिंग-पॉइंट गणना – सटीक नेविगेशन और गाइडेंस के लिए।
कस्टम ISA – अंतरिक्ष अनुप्रयोगों हेतु अनुकूलित।
एडा प्रोग्रामिंग भाषा का समर्थन।
इसरो द्वारा विकसित टूलचेन – कम्पाइलर, असेंबलर, लिंकर और सिम्युलेटर।
मजबूती – –55°C से +125°C तक कार्यशील; कंपन और विकिरण प्रतिरोधी।
सफल परीक्षण – PSLV-C60 मिशन में अंतरिक्ष में परीक्षण।
अंतरिक्ष मिशन – रॉकेट और उपग्रहों में नेविगेशन, गाइडेंस और मिशन प्रबंधन।
रणनीतिक क्षेत्र – रक्षा, एयरोस्पेस, उच्च-प्रदर्शन ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्र।
चिप इकोसिस्टम को बढ़ावा – यह कदम भारत की डिज़ाइन-लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना से जुड़ा है। अब तक ₹1.60 लाख करोड़ से अधिक निवेश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में घोषित हो चुका है।
भारत को अब उन्नत फैब्रिकेशन (sub-65nm नोड्स) की ओर बढ़ना होगा।
अधिक फैब यूनिट्स, डिज़ाइन क्षमताएँ और कुशल प्रतिभा निर्माण आवश्यक।
नीतिगत सुझाव:
उद्योग साझेदारी से फैब निर्माण में तेजी।
अकादमिक–औद्योगिक अनुसंधान सहयोग।
सेमीकंडक्टर डीप-टेक स्टार्टअप्स में निवेश।
विक्रम-3201 – भारत का पहला स्वदेशी 32-बिट प्रोसेसर।
विकासकर्ता – इसरो (VSSC) और SCL, मोहाली।
उत्तराधिकारी – विक्रम-1601 (16-बिट, 2009 से उपयोग)।
अनावरण – 2 सितंबर 2025, सेमिकॉन इंडिया 2025, नई दिल्ली।
उपयोग – अंतरिक्ष, रक्षा, एयरोस्पेस, ऊर्जा।
प्रोग्रामिंग भाषा – एडा (इसरो टूलचेन सहित)।
महत्व – भारत की आत्मनिर्भरता और सेमीकंडक्टर मिशन को गति।
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