वाइस एडमिरल बी शिवकुमार ने मैटेरियल प्रमुख का कार्यभार संभाला

उप-एडमिरल बी. शिवकुमार, एवीएसएम, वीएसएम ने भारतीय नौसेना के 40वें मटेरियल प्रमुख (Chief of Materiel – COM) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने उप-एडमिरल किरण देशमुख, एवीएसएम, वीएसएम का स्थान लिया। यह नियुक्ति एक ऐसे अधिकारी को शीर्ष नेतृत्व में लाती है, जो तकनीकी दक्षता, रणनीतिक दृष्टि और नौसैनिक इंजीनियरिंग व युद्धपोत अधिग्रहण में व्यापक अनुभव के लिए जाने जाते हैं।

उप-एडमिरल बी. शिवकुमार के बारे में

उप-एडमिरल बी. शिवकुमार 70वें एनडीए कोर्स के पूर्व छात्र हैं और 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में इलेक्ट्रिकल ऑफिसर के रूप में कमीशंड हुए।
38 वर्षों के अपने लंबे सेवा काल में उन्होंने युद्धपोत प्रणालियों, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, नौसैनिक डॉकयार्डों और रणनीतिक अधिग्रहण कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

शैक्षणिक योग्यता

उन्होंने निम्नलिखित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त की है —

  • आईआईटी चेन्नई से विद्युत अभियांत्रिकी (Electrical Engineering) में मास्टर डिग्री

  • उस्मानिया विश्वविद्यालय से उच्च रक्षा प्रबंधन (Higher Defence Management) में स्नातकोत्तर योग्यता

  • मद्रास विश्वविद्यालय से एमफिल डिग्री

  • नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) के पूर्व छात्र

इन योग्यताओं ने उन्हें तकनीकी नवाचार और रणनीतिक नेतृत्व का संतुलन प्रदान किया है — जो नौसेना की भौतिक तत्परता (Material Readiness) सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

संचालन और तकनीकी नेतृत्व

उप-एडमिरल शिवकुमार ने आईएनएस रंजीत, आईएनएस किर्पान और आईएनएस अक्षय पर सेवा दी है, जहाँ उन्होंने अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
उन्होंने बाद में भारतीय नौसेना के प्रमुख इलेक्ट्रिकल प्रशिक्षण अड्डे आईएनएस वालसुरा की कमान संभाली।

वे उन विरले अधिकारियों में से हैं जिन्होंने नौसेना मुख्यालय के दोनों प्रमुख इलेक्ट्रिकल निदेशालयों का नेतृत्व किया —

  • डायरेक्टरेट ऑफ वेपन्स इक्विपमेंट

  • डायरेक्टरेट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

उन्होंने मुंबई (पश्चिम तट) और विशाखापट्टनम (पूर्वी तट) दोनों नौसैनिक डॉकयार्डों में तकनीकी नेतृत्व की भूमिकाएँ भी निभाईं, जो भारतीय नौसेना के रखरखाव और आधुनिकीकरण का मुख्य आधार हैं।

फ्लैग अधिकारी और रणनीतिक परियोजनाएँ

वरिष्ठ फ्लैग अधिकारी के रूप में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिनमें शामिल हैं —

  • प्रोजेक्ट सीबर्ड के लिए एडिशनल डायरेक्टर जनरल (टेक्निकल)

  • चीफ स्टाफ ऑफिसर (टेक), वेस्टर्न नेवल कमांड (HQWNC)

  • एडमिरल सुपरिंटेंडेंट, नेवल डॉकयार्ड मुंबई

  • असिस्टेंट चीफ ऑफ मटेरियल (IT & Systems)

  • प्रोग्राम डायरेक्टर, HQ ATVP (एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल प्रोजेक्ट)

  • कंट्रोलर ऑफ वॉरशिप प्रोडक्शन एंड एक्विजिशन

  • डायरेक्टर जनरल, नेवल प्रोजेक्ट्स (विशाखापट्टनम)

इन भूमिकाओं के माध्यम से उन्होंने युद्धपोत डिजाइन, अधिग्रहण और नौसैनिक तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में रणनीतिक नेतृत्व प्रदान किया।

पुरस्कार एवं सम्मान

उप-एडमिरल बी. शिवकुमार को निम्नलिखित सैन्य सम्मान प्राप्त हैं —

  • अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM)

  • विशिष्ट सेवा पदक (VSM)

ये सम्मान रक्षा प्रौद्योगिकी और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और सेवा को मान्यता देते हैं।

पूर्ववर्ती की विरासत

उप-एडमिरल किरण देशमुख (AVSM, VSM) ने 39 वर्षों से अधिक सेवा के बाद पदमुक्ति ली। उनके कार्यकाल की विशेष उपलब्धियाँ थीं —

  • नौसेना की तकनीकी युद्ध तत्परता को बढ़ाना

  • ऑपरेशन सिंदूर जैसी दीर्घकालिक तैनाती के दौरान उच्च संपत्ति उपलब्धता सुनिश्चित करना

  • नौसेना को भविष्य के लिए तैयार और पूर्ण स्पेक्ट्रम अभियानों में सक्षम बनाना

स्थायी तथ्य (Static Facts)

  • नए मटेरियल प्रमुख: उप-एडमिरल बी. शिवकुमार

  • नियुक्ति तिथि: 1 नवम्बर 2025

  • कमीशन तिथि: 1 जुलाई 1987

  • सेवा अवधि: 38 वर्ष से अधिक

  • शैक्षणिक संस्थान: IIT चेन्नई, उस्मानिया विश्वविद्यालय, मद्रास विश्वविद्यालय, NDC

  • मुख्य भूमिकाएँ: कंट्रोलर ऑफ वॉरशिप प्रोडक्शन, डायरेक्टर जनरल नेवल प्रोजेक्ट्स, प्रोजेक्ट सीबर्ड (टेक्निकल प्रमुख)

  • पुरस्कार: AVSM, VSM

  • पूर्ववर्ती: उप-एडमिरल किरण देशमुख, AVSM, VSM

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vikash

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