प्रसिद्ध कन्नड़ लेखक गंजम वेंकटसुब्बैया (Ganjam Venkatasubbiah) का निधन हो गया है. वह एक व्याकरणिक, संपादक, लेक्सिकाग्रफर और साहित्यिक आलोचक भी थे. वह 107 वर्ष के थे. उन्हें आमतौर पर अपने साहित्यिक मंडल में कन्नड़ भाषा और संस्कृति के चलते फिरते विश्वकोश के रूप में जाना जाता था.
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प्रोफेसर जी वेंकटसुब्बैया ने 12 शब्दकोश संकलित किए थे और लगभग 60 पुस्तकें लिखी थीं. उन्हें कन्नड़ साहित्य, कविता, निबंध और अनुवाद में दक्षता के लिए 2017 में पद्मश्री मिला. इसके अलावा, उन्होंने कन्नड़ साहित्य अकादमी पुरस्कार और अन्य में से पम्पा पुरस्कार भी प्राप्त किया था.
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