Categories: Uncategorized

उज्बेकिस्तान ने ‘मध्य-दक्षिण एशिया सम्मेलन 2021’ की मेजबानी

 

उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) ने ताशकंद में “मध्य और दक्षिण एशिया: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, चुनौतियां और अवसर (Central and South Asia: Regional Connectivity, Challenges and Opportunities)” नामक एक उच्च स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी की है। सम्मेलन उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव  (Shavkat Mirziyoyev) की एक पहल थी। इसमें अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी (Ashraf Ghani), मध्य एशियाई (Central Asian), पश्चिम एशियाई (West Asian) और दक्षिण एशियाई (South Asian) देशों के मंत्री शामिल थे, जिनमें भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) भी शामिल थे। सम्मेलन में 40 से अधिक देशों और लगभग 30 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों और थिंक टैंकों (think tanks) के प्रमुखों ने भाग लिया।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

सम्मेलन के बारे में:

  • अशरफ़ ग़नी (Ashraf Ghani) ने दो क्षेत्रों की ऐतिहासिक निकटता और आपसी विश्वास और हितों के आधार पर इसे मजबूत करने के महत्व को रेखांकित किया।
  • राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव (Mirziyoyev) ने कहा कि दुनिया वैश्विक भू-राजनीतिक परिवर्तनों (global geopolitical transformations) के युग में प्रवेश कर चुकी है और ‘मध्य और दक्षिण एशिया के बीच पारस्परिक संबंधों का पुनरुद्धार, जहां आज लगभग दो अरब लोग रहते हैं, एक और अधिक मांग और उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया बन रही है’।
  • अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संयुक्त राष्ट्र महासचिव (UN Secretary-General) एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने भी ऑनलाइन संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी आर्थिक विकास और सतत विकास के लिए केंद्रीय है, जिससे क्षेत्रीय सहयोग और निकट और दूर के पड़ोसियों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनते हैं। उन्होंने अफगानिस्तान (Afghanistan’s) की शांति और सुरक्षा के समर्थन में सक्रिय और सामूहिक भागीदारी का आग्रह किया।
  • डॉ. जयशंकर (Dr. Jaishankar) ने कहा कि मध्य एशियाई देशों के लिए ईरान (Iran) में चाबहार बंदरगाह (Chabahar port) ‘समुद्र तक सुरक्षित, व्यवहार्य और निर्बाध पहुंच ‘(secure, viable and unhindered access to the sea)’ प्रदान करता है।
  • बंदरगाह को अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (International North-South Transport Corridor -INSTC) में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है। यह जोड़ा जा सकता है कि चाबहार बंदरगाह के संयुक्त उपयोग पर एक भारत (India)-उज्बेकिस्तान (Uzbekistan)-ईरान (Iran)-अफगानिस्तान (Afghanistan) चतुर्भुज कार्य समूह का गठन किया गया है।

Find More Summits and Conferences Here

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]

Recent Posts

भारतीय नौसेना में 27 फरवरी को शामिल होगा युद्धपोत अंजदीप

भारतीय नौसेना को एक और पनडुब्बी रोधी युद्धपोत अंजदीप मिलने जा रहा है। उथले पानी…

13 hours ago

झारखंड बजट 2026-27: ₹1.58 लाख करोड़ का ‘अबुआ दिशोम बजट’ पेश

झारखंड सरकार ने 24 फरवरी 2026 को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए…

14 hours ago

जनवरी 2026 में रूसी फॉसिल फ्यूल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना भारत

ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (CREA) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में भारत…

14 hours ago

PM मोदी का ऐतिहासिक इज़राइल दौरा: नेसेट प्लेनम को संबोधित करने वाले पहले भारतीय नेता

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली अपनी दो दिवसीय…

14 hours ago

दिल्ली ओपन 2026: स्टेफानोस साकेलारिडिस ने रोमांचक सिंगल्स जीत के साथ इतिहास रचा

दिल्ली ओपन 2026 का समापन रोमांचक मुकाबले के साथ हुआ, जहां ग्रीस के स्टेफानोस साकेलारिडिस…

15 hours ago

Delhi Police कॉन्स्टेबल भर्ती में अग्निवीरों को मिलेगा 20 प्रतिशत कोटा

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली पुलिस (नियुक्ति एवं भर्ती) नियम, 1980 में…

15 hours ago