पिछले दो दशकों में एकत्र किए गए उपग्रह आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड के दो जिले रुद्रप्रयाग और टिहरी भूस्खलन के सबसे अधिक जोखिम का सामना कर रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों से पता चला है कि रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल में भूस्खलन का सामना करने का सबसे अधिक खतरा है, जहां पिछले 20 वर्षों में भूस्खलन की सबसे अधिक घटनाएं हुई हैं।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
हैदराबाद स्थित इसरो सुविधा राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर द्वारा संकलित निष्कर्ष, भूस्खलन एटलस ऑफ इंडिया में प्रकाशित किए गए थे। एजेंसी ने 1998 और 2022 के बीच देश में 80,000 से अधिक भूस्खलनों का डेटाबेस बनाने के लिए इसरो उपग्रहों के डेटा का उपयोग किया। टीम ने तब इस डेटा का उपयोग 17 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में भूस्खलन प्रभावित 147 जिलों को रैंक करने के लिए किया।
NITI Aayog ने फिसकल हेल्थ इंडेक्स 2026 (Fiscal Health Index 2026 का दूसरा वार्षिक संस्करण…
छत्तीसगढ़ की राज्य मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के मसौदे को मंजूरी दे…
भारतीय पैरा एथलीट शैलेश कुमार ने विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में स्वर्ण पदक जीतकर…
नई दिल्ली में प्योरएयर टॉवर (PureAir Tower) नामक भारत का पहला माइक्रोएल्गी आधारित एयर प्यूरीफिकेशन…
भारत की महिला हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया…
भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती…