भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पारिस्थितिकी तंत्र IndiaAI, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और उत्तर प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से 12–13 जनवरी 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट सम्मेलन 2026 का आयोजन करने जा रहे हैं। 11 जनवरी 2026 को पीआईबी दिल्ली द्वारा घोषित इस सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय राज्यों में जिम्मेदार, समावेशी और बड़े पैमाने पर एआई अपनाने को बढ़ावा देना है, साथ ही एआई आधारित शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में उत्तर प्रदेश की बढ़ती नेतृत्व भूमिका को प्रदर्शित करना भी है। उल्लेखनीय है कि यह आयोजन 16–20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित IndiaAI Impact Summit 2026 का आधिकारिक पूर्व-कार्यक्रम (Precursor) है।
लखनऊ में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन IndiaAI ढांचे के तहत आयोजित की जा रही आठ क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट सम्मेलनों की राष्ट्रीय श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन क्षेत्रीय सम्मेलनों का उद्देश्य राज्यों के स्तर पर चल रही एआई पहलों को IndiaAI मिशन के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप बनाना है, ताकि भारत में एआई का विकास सुरक्षित, भरोसेमंद और नागरिक-केंद्रित बना रहे।
उत्तर प्रदेश संस्करण राज्य में डिजिटल गवर्नेंस, स्वास्थ्य नवाचार और प्रौद्योगिकी-आधारित सार्वजनिक सेवा वितरण में हुई प्रगति को उजागर करता है। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश को एआई के प्रभावी उपयोग के एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में पूर्ण सत्र (प्लेनरी सेशंस) और विषयगत चर्चाएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें कई प्रमुख प्राथमिक क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इनमें वैश्विक एआई परिदृश्य, राज्य स्तर पर एआई को अपनाने की तैयारी, तथा सरकारी प्रणालियों में क्षमता निर्माण के ढाँचे जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
सम्मेलन का एक प्रमुख विषय स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई है। इसके अंतर्गत एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वास्थ्य के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई-सक्षम डायग्नोस्टिक्स और क्लिनिकल नवाचार पर विस्तृत सत्र होंगे। ये चर्चाएँ तकनीक के माध्यम से भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच, किफ़ायतीपन और गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
इसके अतिरिक्त, सम्मेलन में आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए एआई पर भी चर्चा की जाएगी। इसमें यह बताया जाएगा कि उभरती हुई तकनीकें किस प्रकार उत्पादकता बढ़ा सकती हैं, स्टार्टअप्स को समर्थन दे सकती हैं, और रोज़गार के नए अवसर पैदा करते हुए सामाजिक चुनौतियों का समाधान कर सकती हैं।
नीतिगत चर्चाओं से आगे बढ़ते हुए, लखनऊ में आयोजित यह सम्मेलन वास्तविक दुनिया में एआई के क्रियान्वयन पर विशेष जोर देता है। सम्मेलन के दौरान स्टार्टअप शोकेस, हैकाथॉन के परिणाम और उद्योग-नेतृत्व वाले प्रदर्शन प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनके माध्यम से यह दिखाया जाएगा कि किस प्रकार एआई समाधान पहले से ही शासन व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं में लागू किए जा रहे हैं।
यह दृष्टिकोण नीतिगत उद्देश्य और ज़मीनी स्तर पर प्रभाव के बीच की खाई को पाटता है, जो बड़े पैमाने पर एआई को प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए एक अत्यंत आवश्यक शर्त है।
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