अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान ने फ्रीडम एज सैन्य अभ्यास शुरू किया

अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने 15 सितम्बर 2025 को संयुक्त रूप से अपना हवाई और नौसैनिक अभ्यास “फ़्रीडम ऐज” (Freedom Edge) दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप के पास शुरू किया। यह बड़े पैमाने का सैन्य अभ्यास उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु और मिसाइल खतरों के खिलाफ त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। जहाँ तीनों देश इसे निवारक (deterrence) कदम बता रहे हैं, वहीं प्योंगयांग ने इसे उकसावे की कार्रवाई कहा है।

फ़्रीडम ऐज अभ्यास के बारे में

यह बहु-क्षेत्रीय (multi-domain) अभ्यास है, जिसमें समुद्र, वायु और साइबर अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें शामिल हैं –

  • बैलिस्टिक मिसाइल और वायु रक्षा प्रशिक्षण

  • मेडिकल इवैक्यूएशन (रोगी/घायल सैनिकों को निकालना) अभ्यास

  • समुद्री अभियानों और साइबर समन्वय का अभ्यास

अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने पुष्टि की कि इसमें यूएस मरीन और एयर फ़ोर्स की उन्नत संपत्तियाँ शामिल हैं और इसे अब तक का सबसे आधुनिक त्रिपक्षीय अभ्यास बताया गया है। यह अभ्यास 19 सितम्बर 2025 तक चलेगा।

उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया

  • किम यो जोंग (उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन) ने इस अभ्यास की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह “अपरिहार्य रूप से बुरे नतीजे लाएगा।”

  • उन्होंने आयरन मेस (Iron Mace) टेबलटॉप अभ्यास पर भी निशाना साधा, जो फ़्रीडम ऐज के साथ ही चल रहा है। इसका उद्देश्य अमेरिकी परमाणु क्षमता को दक्षिण कोरिया की परंपरागत सैन्य क्षमता के साथ जोड़कर मजबूत प्रतिरोध (deterrence) तैयार करना है।

  • ऐतिहासिक रूप से, उत्तर कोरिया ऐसे सैन्य अभ्यासों का जवाब अक्सर मिसाइल परीक्षणों या सैन्य प्रदर्शनों से देता रहा है।

रणनीतिक महत्व

  1. उत्तर कोरिया के हथियारों का मुकाबला – प्योंगयांग की मिसाइल रेंज और परमाणु क्षमता तेज़ी से बढ़ी है, जो सीधे क्षेत्रीय खतरा है।

  2. त्रिपक्षीय सुरक्षा एकजुटता – यह अभ्यास कैम्प डेविड शिखर सम्मेलन की प्रतिबद्धताओं पर आधारित है, जिसमें वास्तविक समय में मिसाइल चेतावनी डेटा साझा करने की योजना भी शामिल है।

  3. महाशक्ति प्रतिस्पर्धा – किम जोंग उन की रूस और चीन से करीबी (हालिया पुतिन और शी जिनपिंग से मुलाक़ातें) को देखते हुए अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान अपनी सैन्य धुरी (military bloc) को मज़बूत कर रहे हैं।

चुनौतियाँ और जोखिम

  • तनाव की वृद्धि – उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षणों से जवाब दे सकता है।

  • राजनयिक गतिरोध – परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ताएँ लंबे समय से रुकी हुई हैं और प्योंगयांग रूस-चीन पर अधिक निर्भर हो रहा है।

  • स्थानीय विरोध – दक्षिण कोरिया के कुछ नागरिक समूहों ने कहा है कि ये अभ्यास क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ाते हैं।

परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य

  • नाम: फ़्रीडम ऐज (Freedom Edge)

  • तारीख: 15–19 सितम्बर 2025

  • स्थान: जेजू द्वीप, दक्षिण कोरिया के पास

  • भागीदार: अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान

  • केंद्रित क्षेत्र: मिसाइल रक्षा, वायु और नौसैनिक अभ्यास, साइबर अभियान

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

क्या भारत के ₹17.2 लाख करोड़ के उधार में बढ़ोतरी के बाद RBI दखल दे सकता है?

बजट FY27 में वित्तीय अनुशासन का संदेश देने के बावजूद बांड बाजार में दबाव के…

3 hours ago

अरुणाचल में ‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास के लिए सेना और ITBP का संयुक्त अभियान

हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित अभ्यास अग्नि परीक्षा ने खास ध्यान आकर्षित किया…

4 hours ago

आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा रखा गया

पंजाब के विमानन मानचित्र में 02 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक बदलाव देखने…

4 hours ago

केरल के कंथल्लूर में ऑर्किड की नई प्रजाति खोजी गई

भारत की जैव विविधता को एक बार फिर नई पहचान मिली है, जब वैज्ञानिकों ने…

4 hours ago

सर्वेश रंजन बने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नए चीफ जनरल मैनेजर

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है।…

4 hours ago

नई दिल्ली में फ्यूचर वॉरफेयर कोर्स का तीसरा एडिशन लॉन्च

भारत ने औपचारिक रूप से भविष्य के युद्धों के लिए अपने सैन्य नेतृत्व को तैयार…

4 hours ago