UPI-PayNow का विस्तार हुआ, 13 और भारतीय बैंक सीमा पार प्रेषण नेटवर्क में शामिल हुए

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) इंटरनेशनल 17 जुलाई 2025 से UPI-PayNow लिंकज सेवा का विस्तार करने जा रहा है, जिससे भारत और सिंगापुर के बीच सीमापार धन प्रेषण सेवाओं को और अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और किफायती बनाया जा सकेगा। इस सेवा में अब 13 नए भारतीय बैंकों को जोड़ा गया है, जिससे कुल 19 बैंक अब इस प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन गए हैं। यह पहल भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और सिंगापुर की मौद्रिक प्राधिकरण (MAS) द्वारा समर्थित एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तेज़, विश्वसनीय और कम लागत पर अंतरराष्ट्रीय भुगतान को बढ़ावा देना है।

पृष्ठभूमि और उद्देश्य
UPI-PayNow लिंकज की शुरुआत भारत और सिंगापुर के बीच धन प्रेषण को सरल और रीयल-टाइम बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य उपयोगकर्ताओं को केवल मोबाइल नंबर या वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) के माध्यम से पैसे भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देना है। यह सेवा भारत के स्वदेशी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की सफलता पर आधारित है और इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय भुगतान को घरेलू लेन-देन जितना सहज बनाना है।

हालिया विस्तार और विकास
अब HDFC बैंक, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे प्रमुख बैंक इस नेटवर्क का हिस्सा बन गए हैं। यह विस्तार भारत और सिंगापुर के उपयोगकर्ताओं को रियल-टाइम, सुरक्षित और व्यापक दायरे में धन प्रेषण की सुविधा प्रदान करेगा। NPCI ने इस सेवा की क्षमता को भारत-सिंगापुर के बीच वित्तीय कनेक्टिविटी को मज़बूत करने वाला कदम बताया है, जो खासकर सिंगापुर में प्रवासी भारतीयों, श्रमिकों और छात्रों को बहुत लाभ पहुंचाएगा।

प्रमुख विशेषताएँ और तकनीकी पहलू
यह सेवा क्लाउड-आधारित तकनीक पर आधारित है, जो इसे विश्व का पहला क्लाउड-नेटिव, रियल-टाइम इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम बनाती है। यह प्रणाली सेकंडों में लेन-देन को पूरा करती है और मजबूत एन्क्रिप्शन व अनुपालन प्रोटोकॉल के माध्यम से डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करती है। इसमें कोई बिचौलिए प्लेटफ़ॉर्म नहीं होता, जिससे लागत कम होती है और प्रक्रिया अधिक दक्ष बनती है।

अब इस सेवा का उपयोग मोबाइल बैंकिंग ऐप्स के माध्यम से किया जा सकता है, साथ ही सिंगापुर के कुछ दुकानों में QR कोड आधारित व्यापारी भुगतान भी संभव है। भारत में HDFC और ICICI जैसे बैंक इस सुविधा के लिए उपयोग किए जा सकते हैं, जबकि सिंगापुर में DBS SG और Liquid Group के उपयोगकर्ता इस प्लेटफॉर्म तक पहुँच सकते हैं।

महत्त्व और प्रभाव
UPI-PayNow लिंकज का यह विस्तार वैश्विक वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में एक बड़ा बदलाव है। यह भारत और सिंगापुर के बीच आर्थिक संबंधों को और प्रगाढ़ करता है और अन्य देशों के साथ इसी तरह की साझेदारियों का मॉडल भी प्रस्तुत करता है। यह प्रणाली रेमिटेंस लागत को कम करती है, औपचारिक बैंकिंग को बढ़ावा देती है और सीमापार व्यक्तिगत व व्यावसायिक भुगतान को और अधिक सरल बनाती है। रियल-टाइम ट्रांजैक्शन और बैंकों की व्यापक भागीदारी के कारण अब करोड़ों उपयोगकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।

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vikash

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