अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की जून 2025 की रिपोर्ट ‘ग्रोइंग रिटेल डिजिटल पेमेंट्स (द वैल्यू ऑफ इंटरऑपरेबिलिटी)’ में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा रिटेल फास्ट-पेमेंट सिस्टम (एफपीएस) माना गया है। इसके अलावा, एसीआई वर्ल्डवाइड की 2024 की रिपोर्ट ‘प्राइम टाइम फॉर रियल-टाइम’ के अनुसार, यूपीआई की ग्लोबल रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में लगभग 49% हिस्सेदारी है।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली है जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के निर्देशन में विकसित किया है।
इसके माध्यम से उपयोगकर्ता मोबाइल फोन पर UPI ID या QR कोड का उपयोग कर किसी भी बैंक खाते से instant धन-स्थानांतरण कर सकते हैं।
2016 में लॉन्च हुए UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान को पूरी तरह बदल दिया है:
विभिन्न बैंक और ऐप्स के बीच इंटरऑपरेबिलिटी
24×7×365 तुरंत लेनदेन
P2P और व्यापारिक दोनों तरह के भुगतान
लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर शून्य MDR
ACI Worldwide (2024) के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में कुल 266.2 अरब लेनदेन हुए, जिनमें से 129.3 अरब (49%) केवल भारत के UPI से।
| देश | लेनदेन मात्रा (अरब में) | वैश्विक हिस्सेदारी |
|---|---|---|
| भारत | 129.3 | 49% |
| ब्राज़ील | 37.4 | 14% |
| थाईलैंड | 20.4 | 8% |
| चीन | 17.2 | 6% |
| दक्षिण कोरिया | 9.1 | 3% |
| अन्य | 52.8 | 20% |
ये आँकड़े दर्शाते हैं कि भारत ने डिजिटल भुगतान अपनाने में विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।
टियर-3 से 6 शहरों में डिजिटल भुगतान ढाँचा (POS, QR) स्थापित करने में मदद
31 अक्टूबर 2025 तक 5.45 करोड़ डिजिटल टचपॉइंट स्थापित
छोटे मूल्य के UPI लेनदेन को बढ़ावा
सभी आर्थिक वर्गों में डिजिटल भुगतान का प्रसार
सार्वजनिक सेवाओं, ई-कॉमर्स, परिवहन आदि में डिजिटल भुगतान का प्रसार
FY 2024-25 में 56.86 करोड़ QR कोड और 6.5 करोड़ व्यापारी UPI से जुड़े
डिजिटल इंडिया का सफल मॉडल
वित्तीय समावेशन में क्रांति
सस्ता, तेज और सुरक्षित भुगतान समाधान
UPI को एक स्केलेबल और इंटरऑपरेबल मॉडल के रूप में देखा जा रहा
सिंगापुर, UAE, फ्रांस जैसे देशों के साथ क्रॉस-बॉर्डर UPI पर सहयोग
छोटे व्यवसायों और ग्रामीण व्यापारियों के लिए बिना महंगे कार्ड मशीन के डिजिटल भुगतान संभव
UPI यह साबित करता है कि उचित विनियमन और नवाचार-अनुकूल वातावरण एक अरब की आबादी की भुगतान आदतें बदल सकता है।
रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम वह प्रणाली है जिसमें बैंक खातों के बीच तुरंत धन स्थानांतरण होता है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ:
तुरंत लेनदेन की पुष्टि
24×7 उपलब्धता
नकद निर्भरता में कमी
अधिक पारदर्शिता और ट्रेसबिलिटी
IMF (2025) के अनुसार UPI दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है।
ACI Worldwide 2024 के अनुसार UPI की वैश्विक हिस्सेदारी 49% है (129.3 अरब लेनदेन)।
PIDF, BHIM-UPI और QR विस्तार जैसी पहलों से गांव-घर तक डिजिटल भुगतान पहुँचा।
UPI का विकास डिजिटल इंडिया की सफलता का प्रतीक है और अन्य देशों के लिए मॉडल प्रस्तुत करता है।
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