संयुक्त राज्य अमेरिका 04 नवंबर 2020 को आधिकारिक रूप से पेरिस जलवायु समझौते से बाहर हो गया है। इसके साथ ही अमेरिका 2015 में इसमें शामिल होने के बाद औपचारिक रूप से इस समझौते से बाहर निकलने वाला एकमात्र देश बन गया है।
पृथ्वी को जलवायु संकट के बिगड़ते प्रभावों से बचाने के लिए 2015 में ऐतेहासिक पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते के नियमों के अनुसार, कोई भी देश संयुक्त राष्ट्र को अपने हटने के फैसले के बारे अधिसूचित करने के एक पूरे वर्ष से पहले आधिकारिक तौर पर इससे बाहर नहीं निकल सकता है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने 4 नवंबर, 2019 को अपने हटने की सूचना संयुक्त राष्ट्र को दी थी।
वापसी के कारण:
धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…