2025 क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2025 को क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है। 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 7 जून 2024 को इस आशय का एक प्रस्ताव पारित किया।

जागरूकता और कार्रवाई के माध्यम से किसी विषय के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र एक या अधिक विषयों को अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के फोकस के रूप में घोषित कर सकता है। 2024 को अंतर्राष्ट्रीय कैमलिड्स वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

जागरूकता बढ़ाना और अध्ययन को प्रोत्साहित करना

2025 को क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में नामित करके, संयुक्त राष्ट्र क्वांटम विज्ञान के महत्व के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना चाहता है, युवाओं को इसका अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है और वर्तमान चुनौतियों का समाधान करने के लिए इसका उपयोग करने के लिए समर्थन बढ़ाना चाहता है।

पृष्ठभूमि और इतिहास

1925 में जर्मन भौतिक विज्ञानी वर्नर हाइजेनबर्ग ने एक शोध पत्र प्रकाशित किया थे जिसने क्वांटम यांत्रिकी की नींव रखी थी। इस घटना के 100 वर्ष के पूरे होने के उपलक्षय में 2025 को क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष मनाने का प्रस्ताव लाया गया था।

इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक घटना को मान्यता देने के लिए, नवंबर 2023 में संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के सामान्य सम्मेलन ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें अनुरोध किया गया कि संयुक्त राष्ट्र 2025 को क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित करे।

अफ्रीकी देश घाना ने 2025 को क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में छह अन्य देशों द्वारा सह-प्रायोजित एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर इसे पारित किया और 7 जून 2024 को आधिकारिक तौर पर 2025 को क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया।

क्वांटम यांत्रिकी भौतिकी में एक मौलिक सिद्धांत

क्वांटम यांत्रिकी भौतिकी में एक मौलिक सिद्धांत है जो उप-परमाणु स्तर पर प्रकृति के व्यवहार का वर्णन करता है। क्वांटम यांत्रिकी ने विज्ञान की अन्य शाखाओं जैसे भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, सामग्री विज्ञान और सूचना विज्ञान में प्रगति में काफी योगदान दिया है।

संयुक्त राष्ट्र घोषणा का प्रभाव

संयुक्त राष्ट्र की यह घोषणा क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करेगा और हितधारकों और जनता के बीच इसके बारे में जागरूकता बढ़ाएगा। यह सदस्य देशों, अनुसंधान संस्थानों, व्यक्तिगत वैज्ञानिकों और कार्यकर्ताओं को संयुक्त राष्ट्र 2030 सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने और जलवायु, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और सुरक्षा, दवाओं और साफ पानी से संबंधित पृथ्वी की गंभीर समस्याओं को हल करने के लिए क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एक नया अनुप्रयोग खोजने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

CPA Zone VII Conference 2026 संपन्न: समावेशी शासन और युवा भागीदारी पर जोर

कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) के भारत क्षेत्र के ज़ोन VII का सम्मेलन गोवा में संपन्न…

1 day ago

गुजरात पुलिस ने तैयार किया AI टूल, ड्रग्स तस्करों को जल्द मिलेगी सजा

गुजरात पुलिस ने ‘NARIT AI’ (नारकोटिक्स एनालिसिस और RAG-आधारित जांच टूल) लॉन्च किया है, और…

1 day ago

RBI का ‘उत्कर्ष 2029’ क्या है? नई वित्तीय रणनीति की मुख्य बातें

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक मध्यम-अवधि का रणनीतिक ढाँचा लॉन्च किया है, जिसे 'उत्कर्ष…

1 day ago

मुंद्रा बंदरगाह भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल निर्यात केंद्र के रूप में रिकॉर्ड बनाया

मुंद्रा पोर्ट भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट हब के तौर पर उभरा है। इस…

1 day ago

क्या है AAKA Space Studio का 3D-प्रिंटेड ‘मार्स रेडिएशन शील्ड’? जानिए पूरी जानकारी

तकनीकी प्रगति में एक बड़ी सफलता के तौर पर, अहमदाबाद स्थित AAKA Space Studio ने…

1 day ago

राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस 2026: मातृ स्वास्थ्य एक राष्ट्रीय प्राथमिकता क्यों है?

हर साल 11 अप्रैल को पूरे भारत में 'राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस' मनाया जाता है।…

1 day ago