हर वर्ष 24 अक्टूबर को पूरी दुनिया में संयुक्त राष्ट्र दिवस (United Nations Day) मनाया जाता है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) की स्थापना की वर्षगांठ का प्रतीक है, जो 1945 में स्थापित हुआ था। यह दिन हमें वैश्विक शांति, मानवाधिकारों की रक्षा, और सतत विकास के प्रति संयुक्त राष्ट्र के निरंतर प्रयासों की याद दिलाता है।
वर्ष 2025 में, संयुक्त राष्ट्र ने यह संकल्प दोहराया है कि वह अपने चार्टर के मूल सिद्धांतों और मूल्यों — शांति, समानता और पर्यावरण संरक्षण — को विश्व के हर कोने तक पहुँचाएगा।
संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी।
यह स्थापना सैन फ्रांसिस्को (San Francisco) में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के बाद हुई, जहाँ 50 देशों ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) पर हस्ताक्षर किए।
इसका मुख्य उद्देश्य एक और विश्व युद्ध की पुनरावृत्ति रोकना और अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांति और कूटनीति के माध्यम से सुलझाना था।
संयुक्त राष्ट्र का गठन द्वितीय विश्व युद्ध की भीषण तबाही के बाद हुआ था, ताकि राष्ट्र आपसी सहयोग से विश्व की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से कर सकें।
संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) का लक्ष्य विश्व शांति, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देना है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:
अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना।
वित्तीय सहायता और विकास कार्यक्रमों के माध्यम से गरीबी का उन्मूलन।
सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा देना।
नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना और विकसित देशों को जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की सलाह देना।
जाति, लिंग या राष्ट्रीयता के भेदभाव के बिना सभी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पाँच स्थायी सदस्य (P5 nations) हैं —
अमेरिका (United States), ब्रिटेन (United Kingdom), फ्रांस (France), रूस (Russia) और चीन (China)।
(नोट: भारत, तुर्की और कनाडा स्थायी सदस्य नहीं हैं, लेकिन वे संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं।)
ये राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने और वैश्विक शांति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत कई संस्थाएँ कार्यरत हैं, जैसे —
UNICEF, UNESCO, WHO, UNDP, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में कार्य करती हैं।
संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाने के प्रमुख उद्देश्य हैं:
संयुक्त राष्ट्र की स्थापना और उसके वैश्विक मिशन का सम्मान करना।
शांति, सुरक्षा और सतत विकास में UN की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल्यों — न्याय, मानव गरिमा और समानता — को दोहराना।
गरीबी, असमानता और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना।
इस दिन संयुक्त राष्ट्र और सदस्य देश सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनियाँ, भाषण, और वैश्विक चर्चाएँ आयोजित करते हैं ताकि देशों के बीच एकता और सहयोग को सशक्त किया जा सके।
हाल के वर्षों में संयुक्त राष्ट्र ने 2030 एजेंडा के तहत 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जिनमें शामिल हैं:
गरीबी उन्मूलन
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
लैंगिक समानता
जलवायु परिवर्तन से मुकाबला
संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय दिवसों के माध्यम से भी अपने उद्देश्यों को बढ़ावा देता है, जैसे —
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day)
अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस (International Day of Older Persons)
विश्व शांति दिवस (World Peace Day)
विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day)
ये सभी दिवस संयुक्त राष्ट्र के उस व्यापक लक्ष्य को सुदृढ़ करते हैं — एक ऐसा विश्व जहाँ समावेशिता, समानता और स्थिरता सर्वोपरि हों।
संक्षेप में:
संयुक्त राष्ट्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि विश्व की समस्याएँ सीमाओं से परे हैं, और उन्हें हल करने के लिए सभी राष्ट्रों का एकजुट होना अनिवार्य है — ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक शांतिपूर्ण, न्यायपूर्ण और सतत भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
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