फिलिस्तीन को देश की मान्यता दे सकता है ब्रिटेन

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ने घोषणा की है कि यदि इज़राइल गाज़ा में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए तुरंत कदम नहीं उठाता, तो ब्रिटेन फ़िलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देगा। हमास के साथ लगभग दो वर्षों से जारी युद्ध के कारण गाज़ा में भीषण मानवीय संकट उत्पन्न हो गया है, जिसमें व्यापक भूखमरी और बर्बादी देखी गई है। यह घोषणा इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष को लेकर ब्रिटेन की विदेश नीति में संभावित बदलाव की ओर संकेत करती है।

इज़राइल के लिए स्टारमर की शर्तें
ब्रिटेन द्वारा फ़िलिस्तीन को मान्यता देने का निर्णय कुछ विशेष शर्तों पर आधारित है, जिन्हें इज़राइल को पूरा करना होगा ताकि इस क़दम को टाला जा सके। इन शर्तों में शामिल हैं:

  • गाज़ा में युद्धविराम: सैन्य कार्रवाई को तत्काल समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाना।

  • वेस्ट बैंक के विलय की योजनाओं पर रोक: वेस्ट बैंक को मिलाने की किसी भी योजना को बंद करने की प्रतिबद्धता।

  • शांति प्रक्रिया में भागीदारी: दो-राष्ट्र समाधान के उद्देश्य से एक सार्थक और ईमानदार शांति प्रक्रिया में शामिल होना।

यदि इज़राइल इन शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो ब्रिटेन आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र से पहले फ़िलिस्तीन को मान्यता देने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

गाज़ा में मानवीय संकट
यह घोषणा एक गहराते मानवीय संकट की पृष्ठभूमि में की गई है:

  • गाज़ा में भूखमरी और खाद्य संकट लगातार फैल रहा है।

  • सैन्य कार्रवाई के चलते आम नागरिकों की मौतें लगातार बढ़ रही हैं।

  • अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह संघर्ष जल्द नहीं रुका, तो गाज़ा में मानवीय ढांचा पूरी तरह से ढह सकता है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य और अंतरराष्ट्रीय मान्यता
ब्रिटेन की यह स्थिति उस वैश्विक आंदोलन के अनुरूप है जो फ़िलिस्तीनी राज्य की मान्यता का समर्थन कर रहा है:

  • लगभग 140 देश पहले ही फ़िलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दे चुके हैं।

  • हाल ही में फ्रांस ने भी इसी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र में फ़िलिस्तीन को मान्यता देने का समर्थन करने का वादा किया है।

  • यह इस बात का संकेत है कि दो-राष्ट्र समाधान को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता माना जा रहा है।

ब्रिटेन की विदेश नीति पर प्रभाव
स्टारमर की यह घोषणा ब्रिटेन की विदेश नीति में एक संभावित बदलाव को दर्शाती है:

  • फ़िलिस्तीनी राज्य की मान्यता देकर, ब्रिटेन इज़राइल पर युद्धविराम के लिए कूटनीतिक दबाव बढ़ा रहा है।

  • यह निर्णय मानवाधिकार और मानवीय सहायता के प्रति ब्रिटेन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, और गाज़ा में पीड़ित फ़िलिस्तीनियों के प्रति एकजुटता का संकेत देता है।

  • हालांकि, यह कदम ब्रिटेन और इज़राइल के द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है, वहीं यह अरब और मुस्लिम-बहुल देशों के साथ संबंधों को मज़बूत कर सकता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

21 hours ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

22 hours ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

23 hours ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

23 hours ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

24 hours ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

1 day ago