यूनेस्को ने घोषित किये 11 नए बायोस्फीयर रिज़र्व

हाल ही में UNESCO ने 11 देशों में 11 नए स्थलों को बायोस्फीयर रिज़र्व (BR) के रूप में नामनिर्दिष्ट करने की मंज़ूरी दी। इस प्रकार विश्व में बायोस्फीयर रिज़र्व के नेटवर्क में अब 136 देशों के 759 स्थल शामिल हैं।

यूनेस्को बायोस्फीयर रिज़र्व सूची में शामिल नए स्थल

  • केंपेन-ब्रोक ट्रांसबाउंड्री बायोस्फीयर रिज़र्व (बेल्जियम, किंगडम ऑफ नीदरलैंड)
  • डेरेन नॉर्टे चोकोनो बायोस्फीयर रिज़र्व (कोलंबिया)
  • मैड्रे डी लास अगुआस बायोस्फीयर रिज़र्व (डोमिनिकन गणराज्य)
  • न्यूमी बायोस्फीयर रिज़र्व (गाम्बिया)
  • कोली यूगेनी बायोस्फीयर रिज़र्व (इटली)
  • जूलियन आल्प्स ट्रांसबाउंड्री बायोस्फीयर रिज़र्व (इटली, स्लोवेनिया)
  • खार उस लेक बायोस्फीयर रिज़र्व (मंगोलिया)
  • अपायाओस बायोस्फीयर रिज़र्व (फिलीपींस)
  • चांग्योंग बायोस्फीयर रिज़र्व (कोरिया गणराज्य)
  • वैल डी’अरन बायोस्फीयर रिज़र्व (स्पेन)
  • इराती बायोस्फीयर रिज़र्व (स्पेन)

बायोस्फीयर रिज़र्व क्या है?

बायोस्फीयर रिज़र्व (BR), संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization- UNESCO) द्वारा प्राकृतिक और सांस्कृतिक परिदृश्यों के महत्त्वपूर्ण स्थलों के लिये दिया गया एक अंतर्राष्ट्रीय पदनाम है जिसमें स्थलीय या तटीय/समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों के वृहद् क्षेत्र अथवा दोनों का संयोजन शामिल होता है। बायोस्फीयर रिज़र्व प्रकृति के संरक्षण के साथ आर्थिक और सामाजिक विकास तथा संबद्ध सांस्कृतिक मूल्यों के रखरखाव को संतुलित करने का प्रयास करता है।

बायोस्फीयर रिज़र्व घोषित किये जाने हेतु मानदंड

  • संबंधित स्थल में प्रकृति संरक्षण के दृष्टिकोण से संरक्षित और न्यूनतम विक्षुब्ध क्षेत्र होना चाहिये।
  • संपूर्ण क्षेत्र एक जैव-भौगोलिक इकाई के समान होना चाहिये और उसका क्षेत्र इतना विस्तृत होना चाहिये कि वह पारिस्थितिकी तंत्र के सभी पोषण स्तरों का प्रतिनिधित्व कर रहे जीवों की संख्या को बनाए रखे।
  • स्थानीय समुदायों की भागीदारी और जैवविविधता संरक्षण में उनके ज्ञान का उपयोग।
  • ऐसा क्षेत्र जिसमे परंपरागत जनजातीय या ग्रामीण स्तरीय जीवनयापन के तरीको को संरक्षित रखने की क्षमता हो ताकि पर्यावरण का सामंजस्यपूर्ण उपयोग किया जा सके।

बायोस्फीयर रिज़र्व परियोजना क्या है?

भारत सरकार ने वर्ष 1986 में बायोस्फीयर रिज़र्व योजना शुरू की थी। यह UNESCO, MAB कार्यक्रम द्वारा निर्देशित है, क्योंकि भारत MAB द्वारा समर्थित भूदृश्य दृष्टिकोण का हस्ताक्षरकर्त्ता है। इस योजना के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और तीन हिमालयी राज्यों को 90:10 के अनुपात में तथा अन्य राज्यों को रखरखाव, कुछ वस्तुओं का सुधार एवं विकास के लिये 60:40 के अनुपात में वित्तीय सहायता दी जाती है। राज्य सरकार प्रबंधन कार्य योजना तैयार करती है जिसका अनुमोदन और निगरानी का कार्य केंद्रीय MAB समिति द्वारा किया जाता है। यह योजना पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित की जाती है।

बायोस्फियर रिज़र्व की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति

यूनेस्को ने विकास और संरक्षण के बीच संघर्ष को कम करने के लिये प्राकृतिक क्षेत्रों को ‘बायोस्फीयर रिज़र्व’ नाम दिया है। बायोस्फीयर रिज़र्व को राष्ट्रीय सरकार द्वारा नामित किया जाता है, जो यूनेस्को के मैन एंड द बायोस्फीयर (MAB) कार्यक्रम के तहत न्यूनतम मानदंडों को पूरा करता है।
बायोस्फीयर रिज़र्व के विश्व नेटवर्क की कुल संख्या 759 है जो 136 देशों में स्थित है तथा कुल 7,442,000 वर्ग किलोमीटर को कवर करता है।
विश्व भर में लगभग 275 मिलियन लोग बायोस्फीयर रिज़र्वों में रहते हैं। MAB रिज़र्व कार्यक्रम के अंर्तगत भारत के कुल 12 बायोस्फियर रिज़र्व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं।

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vikash

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