UNEP की ग्लोबल मीथेन स्टेटस रिपोर्ट 2025: मुख्य बातें और भारत की स्थिति

भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों (PSBs) में प्रबंधन और संचालन नेतृत्व को मजबूत करने के लिए पांच नए कार्यकारी निदेशकों (EDs) की नियुक्ति की है। ये नियुक्तियाँ 24 नवंबर 2025 से प्रभावी हुईं और प्रत्येक अधिकारी को तीन वर्ष का कार्यकाल प्रदान किया गया है। यह बदलाव सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रदर्शन-आधारित नेतृत्व, उन्नत सुशासन, और बेहतर परिचालन क्षमता को बढ़ावा देने की सरकार की निरंतर नीति को दर्शाता है। इस कदम से बैंकिंग क्षेत्र में निर्णय-प्रक्रिया, डिजिटल सुधारों और वित्तीय स्थिरता को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मिथेन जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में सबसे गंभीर चिंताओं में से एक बन गया है। यद्यपि यह वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) की तुलना में कम समय तक रहता है, लेकिन इसकी ऊष्मा-फँसाने की क्षमता बहुत अधिक है और यह वैश्विक तापमान वृद्धि में बड़ा योगदान देता है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की ग्लोबल मिथेन स्टेटस रिपोर्ट 2025, जिसे COP30 शिखर सम्मेलन में जारी किया गया, यह दिखाती है कि मिथेन उत्सर्जन किस तेजी से बढ़ रहा है और क्यों तुरंत वैश्विक कार्रवाई अनिवार्य है।

भारत जैसे देशों—जो विश्व के सबसे बड़े मिथेन उत्सर्जकों में से एक है—के लिए इस रिपोर्ट के निष्कर्ष पर्यावरणीय, आर्थिक और नीतिगत स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मिथेन के प्रभाव, वैश्विक नीति ढाँचा और भारत की स्थिति को समझना न केवल जलवायु विमर्श के लिए बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी आवश्यक है।

मिथेन क्या है?
मिथेन एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, जो वैश्विक ताप वृद्धि में CO₂ के बाद दूसरा सबसे बड़ा योगदान देती है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, औद्योगिक क्रांति के बाद से बढ़े वैश्विक तापमान में लगभग 30% की हिस्सेदारी मिथेन की है।

अत्यधिक ऊष्मा-ग्रहण क्षमता
20 साल की अवधि में मिथेन, CO₂ की तुलना में 80 गुना से अधिक शक्तिशाली है, इसलिए यह कम समय का लेकिन अत्यधिक प्रभावशाली प्रदूषक है।

वातावरण में कम आयु
जहाँ CO₂ सदियों तक वायुमंडल में रह सकती है, वहीं मिथेन लगभग 12 वर्षों में टूट जाती है। इसलिए इसे कम करना तेजी से लाभ देने वाला कदम माना जाता है।

ग्लोबल मिथेन स्टेटस रिपोर्ट 2025 के प्रमुख निष्कर्ष
UNEP द्वारा जारी रिपोर्ट कई चिंताजनक रुझान दिखाती है।

उत्सर्जन बढ़ रहे हैं
मानव-जनित मिथेन उत्सर्जन लगातार बढ़ रहा है। ऊर्जा क्षेत्र ने अकेले 2023 में 12 करोड़ टन मिथेन छोड़ा। यदि वर्तमान प्रवृत्तियाँ जारी रहीं, तो 2030 तक उत्सर्जन 13% और 2050 तक 56% बढ़ सकता है—जो पेरिस समझौते और ग्लोबल मिथेन प्लेज के लक्ष्यों को प्रभावित करेगा।

मिथेन के प्रमुख स्रोत
विश्व भर में प्रतिवर्ष लगभग 600 मिलियन टन मिथेन उत्सर्जित होती है, जिसमें से 60% मानव गतिविधियों से आती है—मुख्यतः:
• कृषि – 42% (पशुधन, धान की खेती, गोबर)
• ऊर्जा उत्पादन – तेल, गैस और कोयला क्षेत्र
• कचरा प्रबंधन – लैंडफिल और जल-मल प्रबंधन

ग्लोबल मिथेन प्लेज क्या है?
COP26 (2021) में EU और USA द्वारा शुरू किया गया यह वैश्विक प्रतिज्ञा 2020 के स्तर की तुलना में 2030 तक मिथेन उत्सर्जन में 30% कटौती को लक्ष्य बनाता है। नवंबर 2025 तक 159 देश इसे अपना चुके हैं।

भारत की स्थिति

तीसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक
भारत, चीन और अमेरिका के बाद मिथेन का तीसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक है, जिसकी वैश्विक हिस्सेदारी लगभग 9% है।

भारत ने यह प्रतिज्ञा क्यों नहीं अपनाई?
भारत निम्नलिखित कारणों से ग्लोबल मिथेन प्लेज से नहीं जुड़ा है:

  1. CO₂ पर प्राथमिक फोकस: भारत दीर्घकालिक कार्रवाई का केंद्र कार्बन डाइऑक्साइड को मानता है।

  2. कृषि पर निर्भरता: भारत में बड़ा मिथेन हिस्सा छोटे किसानों की कृषि से आता है।

  3. खाद्य सुरक्षा का मुद्दा: बंधनकारी लक्ष्य किसानों की आय व उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं।

  4. नीतिगत स्वायत्तता: भारत UNFCCC और पेरिस समझौते के ढाँचे के भीतर ही अपने लक्ष्य तय करना चाहता है।

भारत में मिथेन कम करने के प्रयास

1. राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (NMSA)
धान खेती में मिथेन कम करने के लिए तकनीकें:

• डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) – कम पानी, कम उत्सर्जन
• अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग (AWD) – उत्सर्जन 45% तक घटाता है

2. राष्ट्रीय पशुधन मिशन
• बेहतर नस्ल
• संतुलित पशु आहार

3. गोबर-धन योजना
ग्राम्य जैव-अपशिष्ट से बायोगैस बनाकर मिथेन को ऊर्जा में बदलना।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

World Most Polluted Cities 2026: खतरनाक स्तर पर पहुंचा AQI, इन शहरों में सांस लेना हुआ मुश्किल

World Most Polluted Cities 2026: बढ़ते AQI ने बढ़ाई चिंता साल 2026 में वायु प्रदूषण…

18 hours ago

भारत में अंगूर का सबसे बड़ा उत्पादक शहर कौन सा है? जानें टॉप राज्य, विश्व में नंबर 1 देश और पूरी जानकारी

भारत में बागवानी (हॉर्टिकल्चर) के क्षेत्र में अंगूर एक महत्वपूर्ण फल फसल है। इसका उपयोग…

24 hours ago

Tamil Nadu Poll Result 2026: किसी को नहीं मिला बहुमत! TVK बनी सबसे बड़ी पार्टी, सरकार बनाने पर सस्पेंस बरकरार

तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है! 2026 विधानसभा चुनाव…

1 day ago

NASA Artemis II Mission: 50 साल बाद इंसानों की चांद यात्रा शुरू, जानें पूरी डिटेल

दुनिया एक बार फिर इतिहास बनते देखने जा रही है। NASA का Artemis II मिशन…

2 days ago

RBI में बड़ा बदलाव: रोहित जैन बने नए डिप्टी गवर्नर, जानें कौन हैं, करियर और बैकग्राउंड

भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए Reserve Bank of India के नए…

4 days ago

भारत में ‘झंडों का शहर’ कौन सा है? 99% लोग नहीं जानते सही जवाब – जानें पूरा सच

क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा शहर भी है, जिसे ‘झंडों का…

4 days ago