एथेनॉल, जिसे सामान्य रूप से एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) कहा जाता है, दुनिया में सबसे अधिक उपयोग होने वाले अल्कोहल्स में से एक है। यह मादक पेयों का प्रमुख घटक होने के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र और नवीकरणीय ऊर्जा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकारी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और जिज्ञासु पाठकों के लिए एथेनॉल की संरचना, उपयोग और लाभ जानना आवश्यक है, क्योंकि ऊर्जा, स्वास्थ्य और उद्योग से जुड़े प्रश्न परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।
एथेनॉल एक साधारण अल्कोहल है जिसका रासायनिक सूत्र C₂H₅OH है। यह साफ, रंगहीन और वाष्पशील द्रव है जिसकी एक विशिष्ट गंध होती है। इसे स्वाभाविक रूप से खमीर द्वारा शर्करा के किण्वन से बनाया जाता है और यह मानव जाति को ज्ञात सबसे पुराने अल्कोहल्स में से एक है।
रासायनिक सूत्र: C₂H₅OH
आणविक भार: 46.07 g/mol
क्वथनांक (Boiling Point): 78.37 °C
पानी में घुलनशील होने के कारण बहुउपयोगी
मादक पेय (Alcoholic Beverages)
बीयर, वाइन और स्पिरिट्स जैसे पेयों में नशे का मुख्य घटक।
नियंत्रित मात्रा में सेवन इसे मनोरंजन का माध्यम बनाता है।
ईंधन और ऊर्जा (Fuel and Energy)
एथेनॉल का उपयोग जैव ईंधन (Biofuel) के रूप में किया जाता है।
पेट्रोल के साथ मिलाकर (जैसे E10, E20) इथेनॉल मिश्रित ईंधन बनाया जाता है।
भारत के Ethanol Blending Program का हिस्सा, जो ऊर्जा सुरक्षा और आयातित तेल पर निर्भरता कम करने में मदद करता है।
औद्योगिक उपयोग (Industrial Applications)
पेंट, परफ्यूम और दवाओं के उत्पादन में विलायक (Solvent)।
कॉस्मेटिक्स, वार्निश और क्लीनिंग प्रोडक्ट्स के निर्माण में आवश्यक।
चिकित्सा और स्वच्छता (Medical and Sanitation)
सैनिटाइज़र और डिसइंफेक्टेंट्स का मुख्य घटक।
एंटीसेप्टिक के रूप में बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट करता है।
कई दवाओं में विलायक और संरक्षक के रूप में प्रयोग।
नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
पेट्रोलियम की तरह सीमित नहीं; गन्ना, मक्का और अनाज जैसी बायोमास फसलों से उत्पादित।
टिकाऊ और पर्यावरण-हितैषी।
पर्यावरणीय लाभ
जीवाश्म ईंधन की तुलना में स्वच्छ जलन (Cleaner Combustion)।
कार्बन मोनोऑक्साइड और हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम।
आर्थिक लाभ
किसानों के लिए गन्ना व मक्का जैसी फसलों की मांग बढ़ाता है।
भारत जैसे देशों का क्रूड ऑयल आयात बिल घटाता है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभ
स्वच्छता और हाइजीन में अहम भूमिका, खासकर COVID-19 महामारी के दौरान।
मादक पेयों का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है (जैसे – लिवर डैमेज)।
बड़े पैमाने पर उत्पादन से खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती है यदि कृषि संसाधन भोजन से हटकर ईंधन उत्पादन में लगें।
भंडारण और परिवहन में सावधानी आवश्यक, क्योंकि एथेनॉल अत्यधिक ज्वलनशील है।
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