संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 25 मई को ‘विश्व फुटबॉल दिवस’ (World Football Day) के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह निर्णय 7 मई 2024 को सर्वसम्मति से पारित किया गया, जो 1924 के पेरिस ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में फुटबॉल की वैश्विक भागीदारी के 100 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। यह प्रस्ताव लीबिया के राजदूत ताहेर एल-सोनी ने पेश किया था, जिसमें फुटबॉल के सांस्कृतिक, सामाजिक और एकजुटता प्रदान करने वाले प्रभाव को मान्यता दी गई है।
7 मई 2024 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 25 मई को हर साल ‘विश्व फुटबॉल दिवस’ के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया।
यह घोषणा 1924 के पेरिस ओलंपिक में फुटबॉल की वैश्विक भागीदारी की 100वीं वर्षगांठ के साथ मेल खाती है।
इस प्रस्ताव को 160 से अधिक देशों का समर्थन प्राप्त हुआ।
प्रस्तावक: लीबिया के UN राजदूत ताहेर एल-सोनी
सह-प्रायोजक: 160 से अधिक UN सदस्य देश
उद्देश्य: शांति, विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देने में फुटबॉल की भूमिका को स्वीकार करना।
25 मई 1924 को पेरिस ओलंपिक में फुटबॉल खेला गया था, जहां पहली बार सभी विश्व क्षेत्रों की भागीदारी हुई थी।
2024 इस ऐतिहासिक घटना की शताब्दी वर्ष है।
यह भी उल्लेखनीय है कि पेरिस ही एक बार फिर 2024 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी कर रहा है।
फुटबॉल की उत्पत्ति मध्यकालीन इंग्लैंड में हुई थी; आधुनिक नियम 19वीं सदी में बनाए गए।
फुटबॉल एसोसिएशन (FA) की स्थापना 1863 में इंग्लैंड में हुई।
फीफा (FIFA) की स्थापना 1902 में हुई, जिसमें आज 211 सदस्य देश हैं – यह संख्या UN (193 देशों) से भी अधिक है।
फुटबॉल की ओलंपिक में शुरुआत 1900 पेरिस ओलंपिक में हुई थी (केवल पुरुष वर्ग)।
महिला फुटबॉल की शुरुआत 1996 अटलांटा ओलंपिक से हुई।
1932 को छोड़कर, हर ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में फुटबॉल खेला गया है।
पुरुष वर्ग में आयु सीमा (U-23) होती है, जिसमें 3 अनुभवी खिलाड़ी (ओवर-एज) को अनुमति होती है।
महिला फुटबॉल में कोई आयु सीमा नहीं है।
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