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ब्रिटेन में पहली बार मिला इंसानों में स्वाइन फ्लू का वायरस

ब्रिटेन में पहली बार स्वाइन फ्लू का एक मरीज मिला है। यह स्वाइन फ्लू का नया स्ट्रेन है। स्वास्थ्य अधिकारियों की मानें तो विभाग मरीज के करीबियों पर नजर रख रहा है, जो उसके साथ संपर्क में आते रहते हैं। ब्रिटिश अधिकारियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को भी सूचना दे दी है। बता दें, स्वाइन फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है, जो से सूअरों से मनुष्यों में फैलता है।

यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (एचएसए) ने बताया कि पीड़ित को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, इसलिए वह डॉक्टर के पास परीक्षण के लिए पहुंचा था। यहां जांच के दौरान पता चला कि उनमें स्वाइन फ्लू का नया स्ट्रेन पाया गया है।

 

डब्लूएचओ को भी दी जानकारी

विशेषज्ञों की मानें तो सूअरों में फैलने वाला इन्फ्लूएंजा वायरस जब किसी इंसान में पाया जाता है, तो इसे वेरिएंट इन्फ्लूएंजा वायरस कहते हैं। एच1एन1, एच1एन2 और एच3एन2 आदि सूअरों में पाए जाने वाले वायरस के प्रमुख उपप्रकार हैं, जिससे कभी-कभी इंसान भी संक्रमित हो जाता है। बता दें, यूकेएचएसए ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को भी इसकी सूचना दे दी है।

 

क्या है स्वाइन फ्लू?

स्वाइन फ्लू एक संक्रामक सांस की बीमारी है, जो सामान्य तौर पर सूअरों में होती है, ये स्वाइन इन्फ्लूएंजा ए वायरस के H1N1 स्ट्रेंस के कारण होती है। हालांकि H1N2, H3N1 और H3N2 के रूप में अन्य स्ट्रेंस भी सूअरों में मौजूद रहते हैं। स्वाइन फ्लू एच1एन1 इन्फ्लूएंजा एक तरह का वायरस है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है। नियमित इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के लक्षण बहुत मिलते-जुलते हैं। गर्मी और मानसून के मौसम में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ जाते हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए कई वैक्सीन हैं, साथ ही इलाज के लिए कई तरह के एंटीवायरल उपचार भी मौजूद हैं। इसके अलावा हाइजीन का ख्याल रखकर और सर्जिकल मास्क पहनकर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है।

 

स्वाइन फ्लू के लक्षण?

स्वाइन फ्लू के लक्षण बुखार आना, सिरदर्द होना, डायरिया होना, खांसी आना, छींक आना, ठंड लगना, गले में खराश होना, थकान, नासिका मार्ग ब्लॉक होना इत्यादि है।

 

2005 के बाद पाए गए सभी स्ट्रेन से अलग

हेल्थ एजेंसी ने शुरुआती जानकारी के आधार पर कहा कि ब्रिटेन में पाया गया संक्रमण 2005 के बाद से दुनिया भर में पाए गए स्ट्रेन से बिल्कुल अलग था। बता दें कि 2009 में स्वाइन फ्लू महामारी ने लाखों लोगों को संक्रमित किया था। यह एक वायरस के कारण हुआ था जिसमें सूअरों, पक्षियों और इंसानों में प्रसारित होने वाले वायरस का जेनेटिक शामिल था।

 

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vikash

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