त्रिपुरा ग्रामीण बैंक ने भारत की पहली सोलर-पावर्ड ATM वैन लॉन्च की

सतत और समावेशी बैंकिंग को एक बड़ा प्रोत्साहन देते हुए, त्रिपुरा ग्रामीण बैंक ने जनवरी 2026 में भारत का पहला पूर्णतः सौर ऊर्जा से संचालित मोबाइल एटीएम वैन लॉन्च किया। ‘टीजीबी ऑन व्हील्स’ नामक यह अभिनव पहल ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में निर्बाध एटीएम एवं बुनियादी बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है, खासकर उन इलाकों में जहाँ बिजली आपूर्ति अस्थिर या अनुपलब्ध रहती है।

क्यों है खबरों में?

जनवरी 2026 में त्रिपुरा ग्रामीण बैंक भारत का पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) बना जिसने पूरी तरह सौर ऊर्जा पर आधारित मोबाइल एटीएम वैन की शुरुआत की। यह पहल पर्यावरण-अनुकूल बैंकिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को मजबूत करती है।

‘टीजीबी ऑन व्हील्स’ क्या है?

‘टीजीबी ऑन व्हील्स’ एक मोबाइल एटीएम वैन है जो पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होती है और पारंपरिक बिजली या डीज़ल जनरेटर पर निर्भर नहीं रहती। इसके माध्यम से नकद निकासी और खाते से जुड़ी बुनियादी सेवाएँ गाँवों और आंतरिक क्षेत्रों तक पहुँचाई जाती हैं। ग्रिड बिजली से स्वतंत्र होने के कारण यह वैन बिजली कटौती के दौरान भी कार्यशील रहती है, जिससे ग्रामीण समुदायों को विश्वसनीय, सुलभ और पर्यावरण-संवहनीय बैंकिंग सेवाएँ मिलती हैं।

पहल की पृष्ठभूमि

मोबाइल एटीएम वैन की अवधारणा जुलाई 2023 में सामने आई थी, जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने त्रिपुरा दौरे के दौरान त्रिपुरा ग्रामीण बैंक की इस पहल का उद्घाटन किया। इसके बाद बैंक ने इसे 100% सौर ऊर्जा से संचालित कर भारत के जलवायु और स्थिरता लक्ष्यों के अनुरूप उन्नत किया।

नाबार्ड और संस्थागत सहयोग की भूमिका

यह परियोजना राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से शुरू की गई है। नाबार्ड ग्रामीण अवसंरचना, वित्तीय समावेशन और सतत विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है। उसके सहयोग से टीजीबी स्वच्छ ऊर्जा समाधान अपनाने और बैंकिंग पहुंच बढ़ाने में सफल रहा। यह साझेदारी जमीनी स्तर पर हरित नवाचार को सक्षम बनाने का उदाहरण है।

वर्तमान स्थिति और कवरेज

फिलहाल त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्रों में तीन सौर ऊर्जा से संचालित एटीएम वैन कार्यरत हैं। ये वैन उन ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों को सेवा दे रही हैं जहाँ स्थायी बैंकिंग अवसंरचना सीमित है। इस पहल से परिचालन लागत में कमी, सेवा की विश्वसनीयता में वृद्धि और ग्राहकों की सुविधा में सुधार हुआ है। साथ ही, यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से अंतिम छोर तक बैंकिंग सेवाएँ पहुँचाने के सरकारी प्रयासों को भी मजबूती प्रदान करती है।

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vikash

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