आदिवासी समुदायों की आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ट्राइफेड (Tribal Cooperative Marketing Development Federation of India Ltd – TRIFED) ने मीशो (Meesho), भारतीय पाक कला संघ (IFCA) और महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगीकरण संस्थान (MGIRI) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। ये सहयोग आदिवासी उत्पादों को बी2बी क्षेत्र में एकीकृत करने और उनके बाजार विस्तार को सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं।
ये समझौता ज्ञापन (MoUs) 18 फरवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में चल रहे “आदि महोत्सव” के दौरान हस्ताक्षरित किए गए, जो आदिवासी उद्यमिता और बाज़ार तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन साझेदारियों से न केवल आदिवासी उत्पादों की पहचान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आदिवासी समुदायों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर भी मिलेगा।
| सारांश/स्थिर | विवरण |
| क्यों चर्चा में? | ट्राइफेड ने मीशो, IFCA और MGIRI के साथ साझेदारी की |
| साझेदारी एवं उद्देश्य | अपेक्षित परिणाम |
| ट्राइफेड और मीशो: आदिवासी उत्पादों को मीशो के सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लाना। | मीशो के माध्यम से आदिवासी उत्पादों की बाजार पहुंच और बिक्री में वृद्धि। |
| ट्राइफेड और IFCA: पाक कला पेशेवरों और होटल चेन के साथ आदिवासी खाद्य उत्पादों को जोड़ना। | आदिवासी खाद्य उत्पादों के लिए विस्तृत बाजार और पाक कला विशेषज्ञों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी। |
| ट्राइफेड और MGIRI: आदिवासी कारीगरों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता-विकास कार्यक्रम। | आदिवासी उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन क्षमता में सुधार। |
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