हिमाचल प्रदेश के इस जिले में स्टूडेंट करेंगे ‘पढ़ाई विद एआई’

हिमाचल प्रदेश ने डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक नई पहल करते हुए ‘पढ़ाई विद एआई’ नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम 9 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बिलासपुर जिले के बरठीं में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। मुख्य रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए तैयार की गई इस पहल का उद्देश्य तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को जिला स्तर तक पहुँचाना और सभी विद्यार्थियों को समान शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

‘पढ़ाई विद एआई’ क्या है और इससे किसे लाभ होगा?

‘पढ़ाई विद एआई’ बिलासपुर जिले के विद्यार्थियों के लिए विकसित एक जिला-स्तरीय डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित टूल्स के माध्यम से संरचित अध्ययन सामग्री, परीक्षा-उन्मुख कंटेंट और व्यक्तिगत मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। इसका मुख्य फोकस सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उन छात्रों पर है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण कोचिंग की सुविधा नहीं मिल पाती। एआई आधारित समाधानों के जरिए यह पहल शहरी केंद्रों से बाहर भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को सुलभ बनाते हुए सीखने के अंतर को पाटने का प्रयास करती है।

एआई लर्निंग प्लेटफॉर्म के पीछे मुख्यमंत्री की सोच

कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के निर्माण का माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नवाचार, तकनीक और समावेशन के जरिए सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पढ़ाई विद एआई’ कार्यक्रम सीखने की प्रणालियों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ सभी पृष्ठभूमि के छात्रों को समान अवसर देने की सरकार की सोच को दर्शाता है।

समान अवसर और निरंतर शैक्षणिक परामर्श

‘पढ़ाई विद एआई’ पहल की एक प्रमुख विशेषता शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। यह प्लेटफॉर्म एक पूर्णतः डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम प्रदान करता है, जिससे छात्र कभी भी और कहीं भी अध्ययन कर सकते हैं। अध्ययन सामग्री के साथ-साथ इसमें निरंतर शैक्षणिक परामर्श की सुविधा भी है, जो छात्रों को विषयों को बेहतर समझने और प्रभावी तैयारी रणनीतियाँ अपनाने में मदद करती है। यह व्यवस्था महंगी निजी कोचिंग पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

जिला प्रशासन और एनटीपीसी की भूमिका

इस कार्यक्रम को बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा एनटीपीसी के संस्थागत सहयोग से लागू किया गया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह पहल आधुनिक, तकनीक-संचालित शिक्षा सुविधाओं को सीधे छात्रों तक पहुँचाती है। लॉन्च कार्यक्रम में राजेश धर्माणी और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के बीच सहयोगात्मक दृष्टिकोण को रेखांकित किया।

शिक्षा में एआई: यह पहल क्यों महत्वपूर्ण है

कृत्रिम बुद्धिमत्ता डिजिटल शिक्षा को व्यक्तिगत सीखने, डेटा-आधारित विश्लेषण और अनुकूलित सामग्री वितरण के माध्यम से तेजी से बदल रही है। ‘पढ़ाई विद एआई’ जैसी पहलें यह दिखाती हैं कि जिला स्तर पर उभरती तकनीकों का उपयोग कर सीखने के परिणामों में कैसे सुधार किया जा सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एआई आधारित प्लेटफॉर्म संरचित तैयारी, प्रदर्शन ट्रैकिंग और लक्षित मार्गदर्शन प्रदान कर शिक्षा को अधिक परिणाम-केंद्रित और समावेशी बनाते हैं।

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vikash

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