वस्त्र मंत्रालय ने वैश्विक मंच पर भारतीय बुनाई को बढ़ावा देने के लिए ‘विश्व सूत्र’ लॉन्च किया

भारत की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए, कपड़ा मंत्रालय ने ‘विश्व सूत्र – वीव्स ऑफ़ इंडिया फ़ॉर द वर्ल्ड’ पहल शुरू की है। इस पहल का अनावरण भुवनेश्वर में आयोजित प्रतिष्ठित ‘फेमिना मिस इंडिया’ कार्यक्रम में किया गया, जहाँ एक विशेष डिज़ाइनर कलेक्शन के ज़रिए देश की विविध हथकरघा परंपराओं को आधुनिक वैश्विक अंदाज़ में पेश किया गया। इस कदम का उद्देश्य भारतीय हथकरघा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है, साथ ही परंपरा को समकालीन फ़ैशन के साथ जोड़ना है।

विश्व सूत्र: भारतीय हथकरघा के लिए वैश्विक दृष्टिकोण

‘विश्व सूत्र’ पहल भारतीय हथकरघा को एक ऐसे रूप में फिर से गढ़ने का एक अनूठा प्रयास है, जो वैश्विक दर्शकों को आकर्षित करे। इसे विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी’ के सहयोग से विकसित किया गया है। यह परियोजना पारंपरिक शिल्प कौशल को आधुनिक डिज़ाइन नवाचार के साथ भी जोड़ती है।

अपने मूल रूप में, यह पहल भारत की उस महत्वाकांक्षा को भी दर्शाती है जिसके तहत वह पारंपरिक वस्त्रों को ऐसे विश्व-स्तरीय प्रतिस्पर्धी फैशन उत्पादों में बदलना चाहता है, जो अपनी सांस्कृतिक पहचान न खोएं।

30 बुनाइयाँ, 30 राज्य, 30 वैश्विक प्रेरणाएँ

‘विश्व सूत्र’ का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका रचनात्मक विचार है। इस पहल के तहत,

  • पूरे भारत से हाथ से बुनी हुई लगभग 30 अलग-अलग बुनाइयों को एक साथ लाया गया है।
  • साथ ही, इनमें से हर बुनाई एक अलग राज्य का प्रतिनिधित्व करती है।
  • और इनके डिज़ाइन 30 अलग-अलग देशों और संस्कृतियों से प्रेरित हैं।

कपड़ों का यह मेल, पारंपरिक भारतीय वस्त्रों और अंतर्राष्ट्रीय फ़ैशन की सुंदरता का एक अनोखा संगम तैयार करता है, जो इन उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों के लिए और भी अधिक आकर्षक बनाता है।

एक राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित

‘विश्व सूत्र’ के तहत डिज़ाइनर कलेक्शन को 61वें ‘फेमिना मिस इंडिया’ इवेंट के दौरान पेश किया गया, जिससे इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी पहचान मिली।

यह मंच इस बात को भी उजागर करने में मदद करता है कि भारतीय हथकरघा किस तरह आधुनिक फैशन की दुनिया में सहजता से अपनी जगह बना सकता है।

यह पहल फैशन, संस्कृति और कूटनीति के बीच एक सेतु का काम करती है, और साथ ही वस्त्रों को भारत के लिए एक ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में स्थापित करती है।

सरकारी दृष्टिकोण के अनुरूप

यह पहल सरकार के प्रमुख अभियानों और कार्यढांचों के साथ पूरी तरह से मेल खाती है।

‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) अभियान के अंतर्गत, ‘विश्व सूत्र’ (Vishwa Sutra) स्थानीय कारीगरों और उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचाने के विचार को बढ़ावा देता है, और उनके लिए व्यापक पहचान तथा आर्थिक अवसरों को सुनिश्चित करता है।

5F फ्रेमवर्क के तहत, यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री के 5F विज़न को सपोर्ट करता है, जो इस प्रकार है:

खेत → फाइबर → फैक्ट्री → फैशन → विदेश

यह फ्रेमवर्क पूरी वैल्यू चेन अप्रोच पर ज़ोर देता है, और यह सुनिश्चित करेगा कि भारतीय टेक्सटाइल कच्चे माल के उत्पादन से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक कुशलतापूर्वक पहुँचें।

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vikash

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