तेलंगाना हाई कोर्ट में 4 वकील बन गए जज

तेलंगाना उच्च न्यायालय में 31 जुलाई, 2025 को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ, जब चार नए अतिरिक्त न्यायाधीशों ने शपथ ली, जिससे इसके कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 30 हो गई। मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह ने एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण समारोह में उन्हें शपथ दिलाई। सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत ये नियुक्तियाँ राज्य के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की लंबे समय से चली आ रही कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

शपथ ग्रहण समारोह

यह समारोह मुख्य न्यायाधीश की अदालत में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह ने की। उन्होंने हाल ही में 19 जुलाई 2025 को शपथ ली थी और यह उनका पहला औपचारिक शपथ समारोह था। इस अवसर पर वरिष्ठ न्यायाधीशों, बार एसोसिएशन के सदस्यों और न्यायिक अधिकारियों ने नव नियुक्त न्यायाधीशों का स्वागत किया।

नव नियुक्त न्यायाधीशों के नाम इस प्रकार हैं:

  • गौस मीरा मोहिउद्दीन

  • चलापति राव सुद्दाला

  • गडी प्रवीन कुमार

  • वाकिटी रामकृष्ण रेड्डी

नियुक्तियों की पृष्ठभूमि

इन नियुक्तियों की सिफारिश 2 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी। केंद्र सरकार ने 28 जुलाई 2025 को इन नामों को मंज़ूरी दी, जिससे इनकी नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ।

तेलंगाना उच्च न्यायालय पिछले कई महीनों से कम संख्या में न्यायाधीशों के साथ काम कर रहा था, जिससे मामलों के शीघ्र निस्तारण में बाधा आ रही थी। विधिक समुदाय और न्यायिक अधिकारियों ने समय-समय पर रिक्त पदों को भरने की मांग की थी।

वर्तमान स्थिति: न्यायाधीशों की संख्या और रिक्तियां

इन चार नियुक्तियों के साथ, तेलंगाना उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 30 हो गई है, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है। यानी अब भी 12 पद रिक्त हैं। यह आंशिक पूर्ति न्यायालय की कार्यक्षमता में सुधार लाएगी, लेकिन शेष रिक्तियों को भरने की आवश्यकता बनी हुई है।

नव नियुक्तियों का महत्व

इन नियुक्तियों से अपेक्षित है कि:

  • न्यायिक क्षमता में वृद्धि होगी और मामलों की सुनवाई में गति आएगी।

  • न्यायिक देरी के कारण उपजे जन असंतोष को कम किया जा सकेगा।

  • तेलंगाना की न्याय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, जो बढ़ते मुकदमों के बोझ से जूझ रही है।

  • लंबे समय से रिक्तियों को भरने की मांग कर रहे कानूनी समुदाय को नई ऊर्जा मिलेगी।

समारोह में मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह ने न्यायपालिका की मजबूती और न्याय के त्वरित व निष्पक्ष वितरण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

आगे की राह

हालांकि ये नियुक्तियाँ स्वागतयोग्य कदम हैं, परंतु तेलंगाना उच्च न्यायालय अब भी अपेक्षित संख्या से कम न्यायाधीशों के साथ काम कर रहा हैशीघ्र न्याय और लंबित मामलों को कम करने हेतु विशेषज्ञों का मानना है कि शेष रिक्तियों को जल्द से जल्द भरा जाना चाहिए।
यह कदम जनता के न्यायिक प्रणाली पर विश्वास को और मजबूत करेगा और राज्य की कानूनी संरचना को सुदृढ़ करेगा।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

14 hours ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

3 days ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

4 days ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

5 days ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

5 days ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

6 days ago