टाटा ग्रुप बना देश का सबसे वैल्यूएबल ब्रांड

ब्रांड फाइनेंस की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की टॉप 100 कंपनियों का संयुक्त ब्रांड वैल्यू 236.5 बिलियन डॉलर तक पहुँच गई है। यह रैंकिंग टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, इन्फ्रास्ट्रक्चर और हॉस्पिटैलिटी समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख भारतीय ब्रांडों के ग्रोथ को दर्शा रही है।

ब्रांड फाइनेंस इंडिया 100 रिपोर्ट 2025 के अनुसार, टाटा समूह ने $30 अरब का आंकड़ा पार कर $31.6 अरब की ब्रांड वैल्यू के साथ नया इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि समूह की वर्ष दर वर्ष 10% की वृद्धि को दर्शाती है और वैश्विक स्तर पर भारतीय ब्रांडों के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करती है। इन्फोसिस और एचडीएफसी जैसे ब्रांड भी शीर्ष स्थानों पर हैं, वहीं अडानी ग्रुप, बिड़ला ओपस और जोमैटो जैसे नए प्रवेशकर्ता भारत की आर्थिक ताकत को दर्शाते हैं।

क्यों है चर्चा में?

25 जून 2025 को जारी ब्रांड फाइनेंस इंडिया 100 रैंकिंग के अनुसार, टाटा समूह $30 अरब की ब्रांड वैल्यू पार करने वाला भारत का पहला ब्रांड बन गया है।

ब्रांड फाइनेंस इंडिया 100 (2025) – मुख्य बिंदु

टाटा समूह

  • ब्रांड वैल्यू: $31.6 अरब

  • स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) मूल्य: $4.3 अरब (भारतीय ब्रांडों में सर्वाधिक)

भारत के टॉप 5 सबसे मूल्यवान ब्रांड

  1. टाटा समूह – $31.6 अरब

  2. इन्फोसिस – $16.3 अरब (15% वृद्धि)

  3. एचडीएफसी समूह – $14.2 अरब (37% वृद्धि – विलय के बाद)

  4. LIC

  5. एयरटेल

सबसे तेज़ी से बढ़ता ब्रांड

  • अडानी ग्रुप – 82% ब्रांड वैल्यू में उछाल (इन्फ्रास्ट्रक्चर व ऊर्जा क्षेत्रों में विस्तार के कारण)

सबसे मजबूत ब्रांड (ब्रांड स्ट्रेंथ इंडेक्स – BSI पर आधारित)

  • ताज होटल्स – BSI: 92.2/100, AAA+ (लगातार चौथे वर्ष शीर्ष पर)

  • एशियन पेंट्स – BSI: 92/100 (दुनिया का सबसे मजबूत पेंट ब्रांड)

  • अमूल – BSI: 91.2/100

नए प्रवेशकर्ता

  • जोमैटो – ब्रांड वैल्यू: $1 अरब, स्थान: 39

  • बिड़ला ओपस – सजावटी पेंट क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव

  • बिड़लासॉफ्ट – $164 मिलियन, आईटी सेवा क्षेत्र में नया नाम

उल्लेखनीय उभरते ब्रांड

  • HMEL – ब्रांड वैल्यू: $656 मिलियन, 7 स्थानों की छलांग

  • ज़ेटवर्क – भारत के ESDM क्षेत्र की अग्रणी भूमिका को दर्शाता

बड़ी तस्वीर: वैश्विक प्रभाव

  • भारत के शीर्ष 100 ब्रांडों की कुल वैल्यू: $236.5 अरब

  • वैश्विक कॉर्पोरेट परिदृश्य में भारत की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है।

क्षेत्रीय प्रभुत्व

  • आईटी और टेक्नोलॉजी: इन्फोसिस अग्रणी, परसिस्टेंट सिस्टम्स 33% वृद्धि के साथ

  • वित्तीय सेवाएं: एचडीएफसी ने संरचनात्मक मजबूती के चलते तेज़ उछाल दिखाया

  • हॉस्पिटैलिटी व एफएमसीजी: ताज व अमूल सेवा की गुणवत्ता में अग्रणी

सस्टेनेबिलिटी और ब्रांड वैल्यू

  • इन्फोसिस को सबसे अधिक सकारात्मक सस्टेनेबिलिटी गैप ($115 मिलियन) के लिए सराहा गया – जो भविष्य में ब्रांड वैल्यू वृद्धि का संकेत देता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

1 day ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

1 day ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

1 day ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

1 day ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

1 day ago