भारतीय बैडमिंटन ने बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप 2025 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जहां तन्वी शर्मा और वेन्नला कलगोटला पहली ऐसी भारतीय जोड़ी बनीं जिन्होंने टूर्नामेंट के एक ही संस्करण में महिला एकल वर्ग में दो पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह अद्वितीय उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन इतिहास में उनके नाम दर्ज करती है और एशियाई मंच पर भारत की जूनियर महिला खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत को दर्शाती है।
बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप एक वार्षिक टूर्नामेंट है जिसमें पूरे एशिया के सर्वश्रेष्ठ अंडर-19 खिलाड़ी भाग लेते हैं। ऐतिहासिक रूप से भारत ने इस प्रतियोगिता में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में सफलता पाई है, लेकिन एक ही संस्करण में महिला एकल वर्ग में दो पदक कभी नहीं जीते थे। पीवी सिंधु, समीर वर्मा और लक्ष्य सेन जैसे खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पहले पदक जीत चुके हैं, लेकिन महिला एकल में डबल पोडियम पहली बार संभव हो पाया है — और यह रिकॉर्ड अब टूट चुका है।
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…
भारत में पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल क्रांति ने बैंकिंग सेक्टर की तस्वीर पूरी तरह…
प्रत्येक वर्ष 8 मई को दुनिया-भर में World Red Cross Day के रूम में मनाया जाता…