बताया जा रहा है कि टेक ऑफ़ के नौ मिनट बाद रॉकेट धरती पर लौट आया. कंपनी की रणनीति के मुताबिक रॉकेट को समुद्र में नष्ट करने की बजाए वापस धरती पर इसलिए लाया जाता है ताकि उनका दोबारा इस्तेमाल किया जा सके और प्रक्षेपण की लागत को कम किया जा सके.
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