दक्षिण कोरिया मार्च 2026 से कक्षाओं में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाएगा

छात्रों में बढ़ती सोशल मीडिया की लत से निपटने के लिए दक्षिण कोरिया ने एक नया क़ानून पारित किया है, जिसके तहत स्कूल की कक्षाओं में मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों का उपयोग प्रतिबंधित होगा। संसद में इस विधेयक को सर्वदलीय समर्थन मिला और यह मार्च 2026 से लागू होगा। इस तरह दक्षिण कोरिया उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जो शैक्षणिक वातावरण में स्मार्टफोन उपयोग पर रोक लगा रहे हैं।

प्रतिबंध क्यों ज़रूरी? डिजिटल निर्भरता का बढ़ता संकट

युवाओं में डिजिटल ओवरएक्सपोज़र

  • 99% दक्षिण कोरियाई नागरिक इंटरनेट से जुड़े हुए हैं।

  • 98% लोग स्मार्टफोन रखते हैं
    यह अत्यधिक कनेक्टिविटी अब युवाओं के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर असर डाल रही है।

शिक्षा मंत्रालय सर्वेक्षण के निष्कर्ष

  • 37% मिडिल और हाई स्कूल छात्रों ने माना कि सोशल मीडिया उनके रोज़मर्रा के जीवन को प्रभावित करता है।

  • 22% छात्रों ने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुँच न होने पर वे बेचैनी (anxiety) महसूस करते हैं।

विधेयक के प्रणेता सांसद चो जंग-हुन (Cho Jung-hun) ने बहस के दौरान कहा: “हमारे युवाओं की सोशल मीडिया लत गंभीर स्तर पर है… वे रात 2-3 बजे तक इंस्टाग्राम पर रहते हैं। हर सुबह उनकी आँखें लाल होती हैं।”

नए क़ानून के प्रावधान

मौजूदा प्रथाओं को औपचारिक रूप देना

कई स्कूल पहले से ही मोबाइल फोन उपयोग पर अनौपचारिक नियम लागू कर चुके थे। यह नया क़ानून उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक रूप देता है।

मुख्य प्रावधान:

  • कक्षा के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध

  • विशेष अपवाद:

    • दिव्यांग छात्रों के लिए

    • शैक्षणिक उद्देश्यों हेतु

  • सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालयों पर लागू।

इसका उद्देश्य है:

  • छात्रों का ध्यान केंद्रित करना

  • स्क्रीन पर निर्भरता कम करना

  • नींद और जीवनशैली को स्वस्थ बनाना

वैश्विक परिप्रेक्ष्य: व्यापक रुझान का हिस्सा

दक्षिण कोरिया इस दिशा में अकेला नहीं है। कई अन्य देश भी इसी राह पर बढ़ रहे हैं:

  • ऑस्ट्रेलिया: किशोरों के लिए व्यापक सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू।

  • नीदरलैंड: जुलाई 2025 के एक अध्ययन के अनुसार मोबाइल प्रतिबंध से कक्षाओं में छात्रों का ध्यान बेहतर हुआ।

ये कदम इस बढ़ती वैश्विक चिंता को दर्शाते हैं कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों और किशोरों पर नकारात्मक संज्ञानात्मक (cognitive) और भावनात्मक (emotional) प्रभाव डाल रहा है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

Oscars 2026: माइकल बी जॉर्डन बने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता

माइकल बी जॉर्डन ने 98th Academy Awards में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor) का पुरस्कार जीता।…

2 hours ago

ऑस्कर 2026 नामांकन: सर्वश्रेष्ठ फिल्म, अभिनेता और अभिनेत्री की पूरी सूची जारी

98th Academy Awards के लिए नामांकन की घोषणा कर दी गई है, जिसमें फिल्म निर्माण…

2 days ago

सूर्या मिधा ने तोड़ा मार्क ज़करबर्ग का रिकॉर्ड, बने सबसे युवा सेल्फ मेड बिलियनेयर

फोर्ब्स की वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स लिस्ट में शामिल होने वाले भारतीय मूल के 22वर्षीय सूर्या मिधा…

2 days ago

चिराग पासवान ने असम में PMFME इनक्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ किया

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने 13 मार्च 2026 को सोनितपुर जिले के…

2 days ago

इसरो की बड़ी सफलता: CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रॉकेट प्रौद्योगिकी में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते…

2 days ago

उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण से जापान में अलर्ट, संकट प्रबंधन टीम सक्रिय

उत्तर कोरिया ने 14 मार्च 2026 को पूर्वी सागर की ओर करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें…

2 days ago